PM Modi: दिल्ली के जंतर मंतर पर बीते कई दिनों से नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर आंदोलन जारी है। सोनम वांगुचक पिछले 20 से अधिक दिनों से भूख हड़ताल पर है। वहीं सीजेपी की तरफ से बीते दिन यानि 20 जुलाई को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी संसद मार्ग पर आगे बढ़े,
जिसके बाद दिल्ली पुलिस की तरफ से लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। जिससे स्थिति बेहत तनावपूर्ण गई। वहीं इस मामले में विपक्ष भी पूरी तरह से एकजुट नजर आ रहा है। अब इस मामले में पीएम मोदी ने चुप्पी तोड़ दी है और विपक्ष को करारा जवाब दिया है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी जानकारी।
नीट पेपर लीक मामले में PM Modi ने तोड़ी चुप्पी
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि “NEET परीक्षा के बारे में प्रधानमंत्री ने बताया कि गड़बड़ी की रिपोर्ट मिलने पर सरकार ने तुरंत कार्रवाई की; तेरह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इसके अलावा, छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए, बिना किसी देरी के दोबारा परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की गई और नतीजे घोषित किए गए।
#WATCH | Delhi: Union Minister of Parliamentary Affairs Kiren Rijiju says, “Regarding the NEET exam, the Prime Minister stated that the government took immediate action upon receiving reports of irregularities; thirteen individuals were arrested and jailed. Furthermore,… pic.twitter.com/my1ekDaxJf
— ANI (@ANI) July 21, 2026
उन्होंने भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाए जा रहे कड़े कदमों के बारे में भी बताया। उन्होंने दोषियों को सज़ा देने और मिलकर एक ऐसी व्यवस्था बनाने पर ज़ोर दिया जिसमें कोई खामी न हो।”
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ घोर पाप – PM Modi
नीट पेपर लीक मामले में पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए संसदीय दल की बैठक में बड़ा बयान दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक जैसे अपराध युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं और यह घोर पाप है। उन्होंने बताया कि सरकार ने मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया, दोबारा परीक्षा कराई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यवस्था को और मजबूत बनाया।
पीएम मोदी ने विपक्ष से भी इस मुद्दे पर राजनीति से ऊपर उठकर सहयोग करने की अपील की। गौरतलब है कि बीते दिन हुए प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया थी। वहीं अब देखना होगा कि क्या सरकार सीजेपी के मांगो को मानती है या फिर आने वाले दिनों में स्थिति और चिंताजनक हो सकती है।
