Rahul Gandhi: बता दें कि अमेरिका की तरफ से ओमान के तट पर हुआ एक जानलेवा हमल में 3 भारतीय नागरिकों की मौत के बाद मामला पूरी तरह से गरमा गया है। वहीं अब इस मामले को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से कई सवाल पूछे हैं और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
हालांकि भारत की तरफ से अमेरिकी राजनयिक को तलब किया गया है। सरकारी अनुमानों के अनुसार, भारत के झंडे वाले 13 जहाजों पर सवार 622 भारतीय नाविक अभी होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम और पूर्व के समुद्री इलाकों में काम कर रहे हैं। चलिए आपको बताते है क्या है पूरा मामला?
तीन भारतीयों की मौत पर Rahul Gandhi ने उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि “अन्तर्राष्ट्रीय जल में तीन दिन में तीन जहाज़ों पर अमेरिकी हमलों में तीन भारतीयों की मृत्यु हो गई। और हमारे Compromised PM? एक शब्द तक नहीं। जब कोई विदेशी ताकत किसी भारतीय की हत्या करे, तो प्रधानमंत्री को बोलना पड़ता है।
अन्तर्राष्ट्रीय जल में तीन दिन में तीन जहाज़ों पर अमेरिकी हमलों में तीन भारतीयों की मृत्यु हो गई। और हमारे Compromised PM? एक शब्द तक नहीं।
जब कोई विदेशी ताकत किसी भारतीय की हत्या करे, तो प्रधानमंत्री को बोलना पड़ता है। लेकिन मजाल है जो ये एक शब्द बोल जाएं।
अगले हफ्ते G7 में,…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 12, 2026
लेकिन मजाल है जो ये एक शब्द बोल जाएं।अगले हफ्ते G7 में, हमारे नाविकों की हत्या के बस चंद दिनों बाद, मोदी जी मुस्कुराएंगे, गले मिलेंगे और समझौते करेंगे – मगर, उन तीन भारतीयों के लिए उनके पास एक शब्द भी नहीं होगा। Compromised PM भारत माता के बेटों की रक्षा नहीं कर सकते, क्योंकि जिन्होंने उन बेटों की जान ली उन्हें नाराज़ करने की इनमें न हिम्मत है, न ताकत”।
भारत ने अपनाया सख्त रुख
घटना के बाद भारत ने संबंधित देश के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय संपर्क स्थापित किया है। विदेश मंत्रालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि मामले की पारदर्शी जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है। इसके अलावा भारत की तरफ से अमेरिका राजनायिक को तलब किया गया है।
इसके अलावा भारतीयों के लिए एडवाइजरी भी जारी कर दी गई है, ताकि परिस्थिति से निपटा जा सके। बता दें कि पूरे खाड़ी क्षेत्र में विदेशी झंडे वाले सैकड़ों मर्चेंट जहाजों पर लगभग 18,000 भारतीय नागरिक काम करते हैं, जिससे भारत उन देशों में से एक बन गया है जो समुद्री सुरक्षा की बिगड़ती स्थिति से सबसे ज़्यादा प्रभावित हो सकते हैं। भारत के पास दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा समुद्री कार्यबल है, जिसमें लगभग 3.2 लाख भारतीय नाविक दुनिया भर में जहाजों पर काम कर रहे हैं।






