Rahul Gandhi: संसद में डोकलाम और चीनी घुसपैठ का जिक्र क्या हुआ कि देश का सियासी पारा चढ़ गया। नई दिल्ली में हुई चर्चा की गूंज महाराष्ट्र तक सुनी गई और शिवसेना यूबीटी की प्रतिक्रिया आ गई। यहां बात लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की हो रही है जिन्होंने बीते कल सदन में पूर्व थलसेनाध्यक्ष की अप्रकाशित किताब का जिक्र किया था। राहुल गांधी ने एमएम नरवणे के लेख का हवाला देते हुए संसद में डोकलाम और चीनी घुसपैठ का जिक्र किया। उन्हें अब संजय राउत का समर्थन मिला है। बीजेपी नेताओं द्वारा उठाए गए सवालों के बीच संजय राउत ने राहुल गांधी की सुर में सुर मिलाते हुए सवाल दागे हैं।
नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi को शिवसेना यूबीटी का समर्थन!
राहुल गांधी को शिवसेना यूबीटी का समर्थन मिला है। संसद में पूर्व थलसेनाध्यक्ष एमएम नरवणे की किताब का जिक्र करने वाले प्रकरण पर संजय राउत की प्रतिक्रिया आई है।
#WATCH | Delhi | On LoP Lok Sabha Rahul Gandhi’s statement yesterday, Shiv Sena (UBT) MP Sanjay Raut says, “Rahul Gandhi ji tried to bring forth an issue related to national security. When a neighbouring country approaches your country’s border with the intention to attack, then… pic.twitter.com/G7W0KW9C3q
— ANI (@ANI) February 3, 2026
संजय राउत का कहना है कि “राहुल गांधी ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा उठाने की कोशिश की। जब कोई पड़ोसी देश हमला करने के इरादे से आपके देश की सीमा के पास आता है, तो आपके देश के राजनीतिक नेतृत्व को फैसला लेना चाहिए। उस समय, जनरल नरवणे इस बारे में निर्देश मांग रहे थे कि क्या किया जाए, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ने कोई फैसला नहीं लिया। अब जब यह मुद्दा उठा है, तो मुझे जनरल नरवणे की सुरक्षा को लेकर चिंता हो रही है। सरकार सोनम वांगचुक के मामले की तरह इस पर भी जरूर कुछ कदम उठाएगी। एमएम नरवणे की सुरक्षा बढ़ाई जानी चाहिए।”
कांग्रेस ने भी नेता प्रतिपक्ष की सुर में मिलाए सुर!
कीर्ति चिदंबरम और मनीष तिवारी समेत अन्य कई कांग्रेसी सांसदों ने भी नेता प्रतिपक्ष की सुर में सुर मिलाए हैं।
#WATCH | Congress MP Karti Chidambaram says, “General MM Naravane was a Chief of Army Staff. He has written a book which the Govt is withholding. But excerpts of the book have been published. All the LoP was trying to do was to bring to the notice of the House what the former… pic.twitter.com/IPQojIhZZT
— ANI (@ANI) February 3, 2026
सांसद कीर्ति चिदंबरम का कहना है कि “#जनरल नरवणे सेना प्रमुख थे। उन्होंने एक किताब लिखी है जिसे सरकार रोक रही है। हालांकि, किताब के कुछ अंश प्रकाशित हो चुके हैं। विपक्ष के नेता का मकसद सिर्फ पूर्व सेना प्रमुख के बयान को सदन के संज्ञान में लाना था। सेना प्रमुख के बयान से सरकार इतनी असहज क्यों है? यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है। देशभक्त होने के नाते हमें इस मुद्दे को उठाने और गंभीर सवाल पूछने का पूरा अधिकार है। सरकार संसदीय प्रक्रिया का सहारा लेकर इसे दबाने की कोशिश कर रही है। यह बहुत गंभीर मुद्दा है।”
#WATCH | Delhi | On LoP Lok Sabha Rahul Gandhi’s statement in Parliament yesterday, Congress MP Manish Tewari says, “India’s parliamentary traditions going back to 1947, that Parliament has always discussed questions of national security. So I do not understand where this… pic.twitter.com/dG60SFnFXr
— ANI (@ANI) February 3, 2026
मनीष तिवारी ने कहा है कि “1947 से चली आ रही भारत की संसदीय परंपरा के अनुसार, संसद में हमेशा राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा होती रही है। इसलिए मुझे समझ नहीं आ रहा कि यह हठधर्मिता कहां से आ रही है?”
क्या है संसद में गहमा-गहमी से जुड़ा पूरा मामला?
बजट सत्र की कार्यवाही में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने डोकलाम का जिक्र किया। उन्होंने पूर्व थलसेनाध्यक्ष की अप्रकाशित किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ का जिक्र करते हुए डोकलाम मुद्दा और चीनी घुसपैठ पर बात रखी। इसी दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आपत्ति जताई और अप्राकिश लेख को संसद के पटल पर रखना उल्लंघन बताया। फिर ओम बिड़ला की दखल हुई और राहुल गांधी का बयान संसद की कार्यवाही से हटाया गया। हालांकि, इस पूरे प्रकरण ने गहमा-गहमी को रफ्तार दी और बीजेपी के साथ कांग्रेस की तल्ख प्रतिक्रिया सामने आ रही है।






