Tamil Nadu Exit Poll 2026: 4 मई का दिन भारत की राजनीति के लिहाज से बेहद खास है। इस दिन असम, बंगाल, केरल, पुदुचेरी के साथ तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे भी जारी होंगे। बंगाल के साथ तमिलनाडु पर भी सबकी नजरें इसलिए टिकीं हैं क्योंकि यहां भी विपक्ष का एक मजबूत धड़ा डीएमके ने पूरी दम-खम से चुनाव लड़ा है। तमिलनाडु एग्जिट पोल 2026 के आंकड़े भी डीएमके की सत्ता वापसी की संभावनाएं व्यक्त कर रहे हैं।
एक्सिस मॉय इंडिया की मानें तो एक्टर विजय की टीवीके बड़ी बढ़त के साथ लोगों को चौंका सकती है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि क्या विजय फैक्टर आरएसएस की रणनीति पर भारी पड़ सकता है? क्या लगातार अपनी शाखाओं का विस्तार कर रहा संघ बीजेपी के लिए तमिलनाडु में सियासी जमीन तैयार करने में सफल होगा? आइए सभी सवालों का जवाब ढूंढ़ते हैं। इसके साथ ही तमिलनाडु एग्जिट पोल 2026 पर चर्चा करते हैं।
क्या RSS की रणनीति पर भारी पड़ेगा विजय फैक्टर?
दरअसल, तमिलनाडु में एक्टर विजय की टीवीके मजबूती से चुनाव लड़ी है। एक्सिस मॉय इंडिया ने एग्जिट पोल कर टीवीके को तमिलनाडु में 98-120 सीट आने का अनुमान जताया है। पीपुल्स पल्स, जेवीसी टाइम्स, मैट्रिज आदि ने भी टीवीके को तमिलनाडु की उभरती राजनीतिक ताकत के रूप में दर्शाया है। टिप्पणीकारों की मानें तो एक्टर विजय का उभरना बीजेपी के लिए नुकसानदायक है।
तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान एंटी इंकंबेंसी देखने को मिली। हालांकि, जो वोटर एआईएडीएमके-बीजेपी गठबंधन की ओर आकर्षित हो रहे थे, उन्हें एक्टर विजय के वादे भा गए और युवाओं का अपार समर्थन उन्हें मिलता आया है। बीजेपी के लिए रणनीति साधते हुए आरएसएस ने चेन्नई से तिरुचिरापल्ली, कांचीपुरम, कुड्डालोर, कल्लाकुरिची, पेरम्बलुर समेत ग्रामीण इलाकों में भी जनसंपर्क किए।
हिंदू मतदाताओं को साधने की भरपूर कोशिश हुई। हालांकि, एग्जिट पोल में जताए अनुमान को देखें तो उसका असर नहीं मिलता नजर आ रहा है। एआईएडीएमके-बीजेपी गठबंधन विपक्ष की भूमिका निभा सकती है। यदि ऐसा हुआ तो आरएसएस की रणनीति पर विजय फैक्टर भारी माना जाएगा। अंतिम नतीजे 4 मई को घोषित हो जाएंगे जिसके बाद सभी सवालों का जवाब मिलना तय है।
BJP के लिए क्या सियासी जमीन तैयार कर पाएगा संघ?
इस सवाल का पुख्ता जवाब भविष्य के गर्भ में है। दरअसल, आरएसएस एक ऐसा संगठन है जो बीजेपी के लिए सियासी जमीन तैयार करता है। यूपी से बिहार, झारखंड, बंगाल, मध्य प्रदेश समेत तमाम राज्यों में इसकी झलक देखने को मिल चुकी है। तमिलनाडु में भी आरएसएस वर्षों से सक्रिय है। वर्तमान की बात करें तो यहां शहरों से ग्रामीण इलाकों तक संघ की गतिविधियां देखी जा चुकी हैं।
बीजेपी-संघ की साझा परिश्रम का असर 2021 विधानसभा चुनाव देखने को मिला जब बीजेपी 2.6 फीसदी वोट के साथ 20 में से 4 सीटों पर विजयी रही थी। इससे पूर्व 2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी को सीट शून्य के साथ 3.6 फीसदी वोट मिले। 2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी 11 फीसदी तक वोट हासिल कर पाई। अब सबकी नजरें तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 परिणाम पर टिकीं हैं।
विशेषज्ञ भी इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि बीजेपी 2026 विधानसभा चुनाव में क्या कुछ हासिल कर पाती है। यदि तमिलनाडु में बीजेपी का वोट प्रतिशत और सीट बढ़ा, तो इसे आरएसएस की भी उपलब्धि माना जाएगा जो अंदरखाने पार्टी के लिए सियासी जमीन तैयार करती है। सबकी नजरें 4 मई को जारी होने वाले विधानसभा चुनाव परिणाम पर टिकीं हैं जब सारी तस्वीरें साफ हो जाएंगी और सवालों का जवाब मिलेगा।






