Vijay Thalapathy: तमिलनाडु में बीते कुछ दिनों से सियासी उठापटक चल रही थी। मालूम हो कि विधानसभा चुनाव के नतीजे के बाद टीवीके को 107 सीटें मिली थी और Vijay Thalapathy की पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। हलांकि बहुमत ना होने के कारण विजय लगातार गवर्नर के पास आ जा रहा थे। वहीं आखिरकार आज विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पद पर आसीन हो चुके है। इसी बीच अब डीएमके एक नेता ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने सियासी भूचाल मचा दिया है। डीएमके नेता का दावा है कि तमिलनाडु के पूर्व सीएम ने विपक्षी पार्टियों को टीवीके को समर्थन देने के लिए मनाया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय को बधाई. वे डीएमके के सहयोगियों की मदद से मुख्यमंत्री बन पाए हैं। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
Vijay Thalapathy को इस व्यक्ति ने बनाया मुख्यमंत्री!
एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक डीएमके प्रवक्ता ए सरवनन ने एमके स्टालिन ने सहयोगियों को तमिलागा वेट्री कज़गम (टीवीके) के साथ हाथ मिलाने के लिए राजी किया। उन्होने आगे कहा कि “तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय को हार्दिक बधाई। डीएमके के सहयोगियों की मदद से वे मुख्यमंत्री बन पाए हैं। हमारे नेता एमके स्टालिन संवैधानिक संकट नहीं चाहते और उन्होंने व्यापक विचार-विमर्श के बाद सहयोगियों को (टीवीके के साथ हाथ मिलाने के लिए) राजी किया”।
मालूम हो कि सियासी उठापटक के बीच Vijay Thalapathy ने आज मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। इसके अलावा डीएमके प्रवक्ता ने कांग्रेस पर तंज कसा कि जिसने सबसे पहले इंडिया ब्लॉक की सहयोगी डीएमके से अलग होकर टीवीके को अपना समर्थन दिया था, सरवनन ने कहा कि पार्टी ने अपनी पांच सीटें केवल स्टालिन के नेतृत्व वाली पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा जमीनी स्तर पर की गई कड़ी मेहनत के कारण ही जीती हैं।
विजय बने तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री
साउथ के सुपरस्टार Vijay Thalapathy ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। दरअसल, विजय की राजनीति में एंट्री के बाद से ही उन्हें तमिलनाडु का संभावित मुख्यमंत्री चेहरा माना जा रहा है। उनकी बढ़ती लोकप्रियता और युवाओं के बीच मजबूत पकड़ ने उन्हें राज्य की राजनीति में बड़ा चेहरा बना दिया है। पहली बार ही चुनाव में विजय की पार्टी ने 107 सीटों पर जीत दर्ज की है, जो अपने आप में एक नया कीर्तिमान है। बता दें कि इसके बाद शनिवार को टीवीके को विदुथलाई चिरुथाइगल काची (वीसीके) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के 4 विधायकों का समर्थन मिलने के बाद विधानसभा में विधायकों की संख्या 120 हो गई।






