West Bengal Election 2026: चुनाव आयोग के नए फरमान से टीएमसी की बढ़ी मुश्किलें, फाल्टा में इस तारीख को फिर होगी वोटिंग, समझे इसके मायने

West Bengal Election 2026 पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी बीच चुनाव आयोग ने एक फरमान सुनाया है, जिसने टीएमसी की टेंशन बढ़ा दी है।

West Bengal Election 2026

फाइल फोटो

West Bengal Election 2026: पश्चिम बगाल पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी बीच चुनाव आयोग ने एक ऐसा फरमान सुनाया है, जिसने टीएमसी की टेंशन बढ़ा दी है। मालूम हो कि आयोग की तरफ से बीते दिन कई बूथों पर वोटिंग कराई गई थी। लेकिन फाल्टा में स्थानीय लोगों की तरफ से विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। कई लोगों ने आरोप लगाया कि टीएमसी के कार्यकर्ता धमकी दे रहे है।

यही कारण है कि चुनाव आयोग ने फाल्टा विधानसभा के सभी बूथों पर वोटिंग कराने का फैसला लिया है, जो 21 मई 2026 को होगी। चुनाव आयोग ने कहा कि सहायक मतदान केंद्रों सहित सभी मतदान केंद्रों पर 21 मई को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। मतदान की प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मतगणना 24 मई को होगी।

फाल्टा में इस तारीख को होगा दुबारा वोटिंग

फाल्टा विधानसभा में कई जगहों पर दुबारा मतदान हुआ था, लेकिन स्थानीय लोगों ने गड़बड़ी की बात कही, जिसके बाद जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ। जिसके देखते हुए  चुनाव आयोग ने फाल्टा विधानसभा के सभी बूथों पर चुनाव कराने का आदेश जारी कर दिया है। यानि 21 मई को सिर्फ फाल्टा में वोटिंग होगी। सबसे खास बात है कि इसके नतीजे 24 मई को जारी कियाा जाएगा।  बताते चले कि बाकी विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई यानि कल जारी किया जाएगा। जिसके देखते हुए चुनाव आयोग ने प्रेस नोट जारी कर दिया।

मतगणना से पहले चुनाव आयोग ने जारी की एडवाइजरी

बता दें कि वोटों की गिनती से पहले चुनाव आयोग ने प्रेस नोट जारी किया –

पश्चिम बंगाल में मतदान आयोग (ईसीआई) ने अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षकों और पुलिस पर्यवेक्षकों की तैनाती की
भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतगणना केंद्रों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और कानून-व्यवस्था की निगरानी के लिए मतगणना पर्यवेक्षकों की सहायता हेतु 165 अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षकों और 77 पुलिस पर्यवेक्षकों की तैनाती की है।
अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षकों और पुलिस पर्यवेक्षकों की तैनाती यह सुनिश्चित करने के लिए की गई है कि मतगणना प्रक्रिया सुरक्षित, शांतिपूर्ण, भयमुक्त और पारदर्शी वातावरण में संपन्न हो।

ये नियुक्तियाँ भारत के संविधान के अनुच्छेद 324 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 20B के तहत चुनाव आयोग को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई हैं। इस अवधि के दौरान, पर्यवेक्षकों को आयोग के प्रतिनियुक्ति पर माना जाएगा और वे आयोग के पर्यवेक्षण और नियंत्रण में कार्य करेंगे।
एक से अधिक मतगणना कक्ष वाले 165 विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतगणना पर्यवेक्षकों की सहायता हेतु अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है।

पुलिस पर्यवेक्षक अपने-अपने निर्धारित मतगणना केंद्रों के आसपास सुरक्षा और कानून व्यवस्था की निगरानी करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि मतगणना केंद्रों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था आयोग के निर्देशों के अनुसार हो। हालांकि, मतगणना के दिन पुलिस पर्यवेक्षक किसी भी परिस्थिति में मतगणना कक्ष में प्रवेश नहीं करेंगे।

पुलिस पर्यवेक्षक मतगणना प्रक्रिया के लिए तैनात मतगणना पर्यवेक्षकों और अन्य चुनाव तंत्र के साथ घनिष्ठ समन्वय में कार्य करेंगे।
रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ), मतगणना कर्मियों, उम्मीदवारों और उनके एजेंटों के लिए पहचान पत्र रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) द्वारा ईसीआईएनईटी में एक समर्पित मॉड्यूल के माध्यम से जारी किए जाएंगे।

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