AI Chip: आजकल एआई चिप्स को लेकर काफी तेजी देखने को मिल रही है। एआई चिप में बेहतर एनर्जी एफिशियंसी और ज्यादा पावर देखने को मिलती है। हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी पावरफुल एआई चिप माई 200 को लॉन्च किया है। कंपनी ने दावा किया है कि सेमीकंडक्टर बाजार में एआई चिप काफी उपयोगी साबित हो सकती हैं। ऐसे में आने वाले टाइम में एआई चिप का सेमीकंडक्टर मार्केट पर क्या प्रभाव हो सकता है? क्या एआई चिप, मौजूदा दौर में पारंपरिक चिप्स से ज्यादा ताकतवर साबित होगी?
AI Chip सेमीकंडक्टर मार्केट पर कैसे प्रभाव डाल सकती है
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सेमीकंडक्टर मार्केट में एआई चिप की मांग काफी तेजी से बढ़ रही है। भारत समेत दुनियाभर में स्मार्टफोन और इलेक्ट्रिक डिवाइस का उत्पादन बढ़ रहा है। ऐसे में एआई चिप का इनमें खूब यूज किया जा रहा है। इसके अलावा, एआई चिप जीपीयू यानी ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट और एनपीयू यानी न्यूरल प्रोसेसिंग यूनिट सेगमेंट में तेजी आ सकती है। ऐसे में जब एआई चिप की मांग बढ़ेगी, तो चिप डिजाइन करने वाली कंपनियां और एआई चिप का निर्माण करने वाली कंपनियों को भी बड़ा फायदा देखने को मिल सकता है।
इसके अलावा, चिप निर्माण में फिलहाल अमेरिका की टेक कंपनी एनवीडिया की लगभग 90 फीसदी की हिस्सेदारी है। एआई चिप की मांग बढ़ने से कई अन्य कंपनियां जैसे- एएमडी, क्वालकॉम, माइक्रोसॉफ्ट भी एआई चिप के निर्माण में आगे आ सकती हैं। हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट की माई200 एआई चिप इसका एक बड़ा उदाहरण है। यह सेमीकंडक्टर मार्केट के लिए निवेश और प्रोत्साहन बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।
एआई चिप से भारत को मिल सकती है आर्थिक मजबूती
वहीं, अगर इंडिया के संबंध में देखे कि एआई चिप भारत के लिए कैसे फायदेमंद साबित हो सकती है, तो बता दें कि एआई चिप इंडिया के लिए आर्थिक मोर्चे पर लाभदायक सिद्ध हो सकती है। वर्तमान में भारत सॉफ्टवेयर में काफी मजबूत माना जाता है, मगर एआई हार्डवेयर के मामले में भारत अभी भी विदेशों पर पूरी तरह से निर्भर है। ऐसे में अगर भारत भविष्य में एआई चिप का डिजाइन और निर्माण करता है, तो अमेरिका और चीन पर निर्भरता काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। साथ ही इससे इंडिया को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने में भी लाभ होगा। एआई चिप का स्मार्टफोन, इलेक्ट्रिक वाहन और सोलर पैनल्स में भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। तो इंडिया जैसी बड़ी मार्केट देश की आर्थिक शक्ति को कई गुना बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है।





