AI Dangers: पिछले 3 से 4 सालों में एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस ने अपना दायरा काफी बड़ा कर लिया है। ऐसे में स्मार्टफोन की तरह ही एआई का भी बहुत अधिक इस्तेमाल हो रहा है। यही वजह है कि आजकल छोटे बच्चों तक भी एआई की पहुंच बहुत अधिक हो गई है। ऐसे में एआई के खतरे छोटे बच्चों के लिए अलग-अलग स्तर पर खतरनाक साबित हो रहा है। अब तक ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें एआई की मदद से छोटे बच्चों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
AI Dangers: बच्चों के लिए कितना खतरनाक एआई का ट्रेंड
कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कोविड महामारी के दौरान सबकुछ ऑनलाइन होने के बाद बच्चों के साथ साइबर बुलिंग की कई घटनाएं सामने आई थीं। इससे बच्चों की शारीरिक और मानसिक हेल्थ पर सीधा प्रभाव पड़ता है, जिससे उन्हें कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
कुछ अन्य रिपोर्ट्स में बताया गया है कि कुछ साइबर अपराधी एआई की सहायता लेकर छोटे बच्चों के ऑनलाइन पैटर्न, एक्टिविटी, इमोशनल कंडीशन और उनकी दिलचस्पी के बारे में गहन विश्लेषण कर सकते हैं। ऐसे में साइबर अपराधी इन जानकारियों का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। इस दौरान बच्चों की फोटो को नकली इमेज के साथ बदलकर, जिसे डीपफेक भी कहते हैं, उससे मानसिक और आर्थिक हानि दे सकते हैं।
एआई के खतरे से छोटे बच्चों को कैसे सेफ रख सकती हैं टेक कंपनियां
ऑनलाइन एआई के खतरे के चलते छोटे बच्चों को इससे बचाने के लिए टेक कंपनियों को कुछ सख्त कदम उठाने की जरूरत है। इस दिशा में ओपनएआई ने चैटजीपीटी एआई टूल में कुछ सेफ्टी गार्ड्स को शामिल किया है। चैटजीपीटी में पैरेंटल कंट्रोल फीचर को लाना कंपनी की नाबालिगों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दिखाता है। वहीं, हाल ही टेक कंपनी मेटा ने अपने एआई कैरेक्टर्स के एक्सेस पर 18 साल से कम आयु वाले लोगों को रोकने का निर्णय लिया था। वहीं, गूगल भी छोटे बच्चों की ऑनलाइन सेफ्टी के संबंध में लगातार काम कर रहा है।
आप अपने बच्चों को एआई के खतरे से कैसे सुरक्षित कर सकते हैं?
इसके अलावा, अगर आप अपने बच्चों को एआई के बढ़ते खतरों से दूर और सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो कुछ खास बातों का ध्यान रख सकते हैं।
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पैरेंटल कंट्रोल फीचर का यूज करना।
- छोटे बच्चों के लिए एक अलग डिवाइस उपलब्ध कराना, जिसमें पैरेंटल कंट्रोल की सुविधा इन बिल्ट दी गई हो।
- साथ ही बच्चों का स्क्रीन टाइम लिमिटेड करना भी एक अहम कदम हो सकता है।
- इसके अलावा, छोटे बच्चों को साइबर अपराधियों के प्रति जागरुक करना भी एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
अगर आप इन उपायों को अपनाते हैं, तो काफी हद तक छोटे बच्चों को ऑनलाइन और एआई खतरे से सुरक्षित रख सकते हैं।





