Artemis 2: स्पेस सेक्टर के लिए 2 अप्रैल काफी खास रहा, क्योंकि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा यानी नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन ने आर्टेमिस 2 मिशन को लॉन्च किया। इसके साथ ही नासा ने 1972 के बाद अब लगभग 54 सालों बाद एक बार फिर धरती की कक्षा से बाहर इंसानों को चंद्रमा के चारों तरफ भेजा। नासा के मुताबिक, इस मिशन को केनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया। इसमें 4 अंतरिक्ष यात्रियों रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन को एक ताकतवर रॉकेट ‘इंटीग्रिटी’ नामक एक कैप्सूल के जरिए चंद्रमा के चारों ओर 10 दिन की यात्रा पर भेजा गया है, मिशन के बाद वे पृथ्वी पर लौटेंगे।
आर्टेमिस 2 मिशन चांद पर फिर से इंसानों को उतारने की तैयारी
नासा के मुताबिक, सभी अंतरिक्ष यात्री चांद की सतह पर नहीं उतरेगा और अपने सबसे नजदीकी बिंदु पर भी हजारों मील दूर रहेगा, फिर भी यह मिशन भविष्य में चांद पर उतरने के प्रयासों की दिशा में एक अहम कदम है। यह मिशन ओरियन स्पेसक्राफ्ट के लाइफ सपोर्ट और अन्य सिस्टम्स की जांच करेगा, जिसे इंसानों को अंतरिक्ष में ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है।
स्पेस एजेंसी के अनुसार, सफल परीक्षण गहरे अंतरिक्ष की यात्रा को अधिक सुरक्षित और कुशल बनाएंगे, जिससे न केवल चंद्र अभियानों को, बल्कि भविष्य के अंतर-ग्रहीय रिसर्च को भी लाभ मिलेगा। इस तरह नासा मंगल ग्रह पर किसी इंसान को उतारने के अपने लक्ष्य के और करीब पहुंच जाएगा। ऐसे में इस मिशन के जरिए इस बात की पुष्टि हो जाएगी कि मंगल पर भेजे जाने वाला इंसानी मिशन कैसे काम कर सकता है। अमेरिकी स्पेस एजेंसी इस मिशन के जरिए भविष्य के मंगल मिशन की बड़ी तैयारी कर रहा है।
Liftoff.
The Artemis II mission launched from @NASAKennedy at 6:35pm ET (2235 UTC), propelling four astronauts on a journey around the Moon.
Artemis II will pave the way for future Moon landings, as well as the next giant leap — astronauts on Mars. pic.twitter.com/ENQA4RTqAc
— NASA (@NASA) April 1, 2026
अभी कहां तक पहुंचा आर्टेमिस 2 मिशन और क्या है योजना?
स्पेस एजेंसी नासा के अनुसार, ‘ओरियन अंतरिक्ष यान रॉकेट के ऊपरी चरण से सफलतापूर्वक अलग हो गया है, और “प्रॉक्सिमिटी ऑपरेशंस” परीक्षण चल रहा है। आर्टेमिस II के अंतरिक्ष यात्री ओरियन को ठीक उसी तरह मैन्युअल रूप से चला रहे हैं, जैसा वे तब करते जब वे किसी दूसरे अंतरिक्ष यान के साथ डॉकिंग कर रहे होते।’
आर्टेमिस 2 मिशन, भविष्य के आर्टेमिस 3 के लिए एक पुल का काम करता है, जिसके तहत नासा की योजना चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास अंतरिक्ष यात्रियों को उतारने की है। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य के लिए फिलहाल 2028 की समय सीमा तय की गई है, और यह दर्शाता है कि अमेरिका अब केवल प्रयोगों तक ही सीमित न रहकर, अंतरिक्ष में अपनी स्थायी उपस्थिति बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
अंतिम बार कब गए चांद पर अंतरिक्ष यात्री
मालूम हो कि पिछली बार अंतरिक्ष यात्रियों ने दिसंबर 1972 में अपोलो 17 मिशन के दौरान चांद पर कदम रखा था। उसके बाद, चाद की खोज में लोगों की दिलचस्पी कम हो गई और नासा ने अपना ध्यान पृथ्वी के अधिक करीब वाले मिशनों पर लगा दिया, जिनमें स्पेस शटल प्रोग्राम और इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन शामिल थे।
