Artificial Intelligence: आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, जिसे शॉर्ट में एआई भी कहते हैं। आजकल कई सेक्टरों में इसकी उपयोगिता देखने को मिल रही है। एआई ने एजुकेशन, हेल्थकेयर क्षेत्रों में काफी बढ़िया काम किया है। साथ ही रोजगार के लिए भी कई नए अवसर पैदा किए हैं। मगर एआई एक खतरनाक टूल बनता जा रहा है, जिसकी वजह से 2 देशों के परमाणु युद्ध भी हो सकता है। जी हां, ताजा रिपोर्ट में इसे लेकर सनसनीखेज दावा किया गया है कि एआई की वजह से भारत और पाकिस्तान के मध्य परमाणु युद्ध हो सकता था।
Artificial Intelligence की वजह से हो सकता था भारत और पाकिस्तान में परमाणु युद्ध
स्वीडन के एसआईपीआरआई यानी स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट में बताया गया है कि मई 2025 के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच हुई लड़ाई परमाणु युद्ध तक पहुंच सकती थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई जेनरेटिड फर्जी फोटो और वीडियो की वजह से भारत और पाकिस्तान परमाणु युद्ध के मुहाने तक पहुंच सकते थे।
रिपोर्ट में गंभीर चेतावनी देते हुए कहा, ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पावर्ड गलत जानकारी आसानी से एक बड़े संघर्ष में बदल सकती थी, जिसमें भारत और पाकिस्तान के बीच सीधा न्यूक्लियर टकराव संभव था। भविश्य में एआई से इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर, गलत और भ्रम फैलाने वाली जानकारियां, युद्ध के मैदान की वास्तविकताओं से काफी अलग होती हैं, लेकिन इनका प्रभाव ऐसी हो सकती हैं, जो युद्ध के मैदान पर वास्तविक असर डाल सकती हैं और इससे टकराव की आशंका भयानक स्तर पर पहुंच सकती हैं। ऐसे फर्जी अभियान, परमाणु हथियारों वाले देशों की रणनीतिक गणनाओं को बाधित कर सकते हैं।’
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कितना ज्यादा खतरनाक
गौरतलब है कि मई 2025 के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच हुई लड़ाई के बाद दोनों देशों ने परमाणु युद्ध की संभावनाओं को नकार दिया था। उधर, भारत और पाकिस्तान दोनों ही देशों के डीजीएमओ यानी डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस ने आपसी संघर्ष के बीच परमाणु युद्ध के खतरे को नहीं उठाया था।
हालांकि, पाकिस्तान के नेताओं की तरफ से परमाणु युद्ध को लेकर बयानबाजी की थी। मगर डीजीएमओ स्तर पर इसे लेकर कोई बातचीत नहीं हुई।
अगर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के गलत इस्तेमाल की बात करें, तो कई रिपोर्ट्स बताया गया है कि भारत और पाकिस्तान की लड़ाई के दौरान मीडिया प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर कई तरह की फर्जी और भ्रामक खबरें चल रही थी, जिसकी वजह से दोनों देशों के बीच कई तरह की गलत खबरें तेजी से फैल गई।





