Artificial Intelligence: हर साल सैंकड़ों लोग अपनी नौकरी से रिटायर होते हैं। ऐसे में अगर आपके पास सही निवेश नहीं है, तो आपको भविष्य में कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। मगर आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि आप इस काम को एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से आसानी से कर सकते हैं। जी हां, इंसानों के बजाय एआई से आप इस कार्य को कई झंझटों से मुक्त होकर कर सकते हैं।
व्यक्तिगत निवेश सलाह
अब पुराना दौर नहीं है कि आप किसी फाइनेंशियल एक्सपर्ट के पास जाएंगे, फिर वो कई दिनों के बाद आपको जानकारी देंगे। कई बार वो भी अधूरी निवेश प्लानिंग होती है। एआई का टाइम है, तो एआई का इस्तेमाल कीजिए। कई एआई पावर्ड निवेश प्लेटफॉर्म हैं, जैसे- ‘Betterment’ और ‘INDmoney’। इनकी मदद से मासिक खर्च, बचत, जोखिम लेने की क्षमता और रिटायरमेंट लक्ष्य के आधार पर विश्लेषण करके निवेश की रणनीति तैयार कर सकते हैं।
जोखिम कम करने में मदद
रिटायरमेंट के बाद ज्यादातर लोग सुरक्षित निवेश तलाशते हैं, यही वजह है कि वे अधिक जोखिम से बचते हैं। ऐसे में एआई बाजार के ट्रेंड का विश्लेषण करता है।जोखिम वाले निवेश की पहचान करता है और पोर्टफोलियो को डायवर्सिटी करने के सुझाव देता है। इससे नुकसान की संभावना कम हो सकती है। साथ ही महीने की पेंशन आय, मेडिकल खर्च, मासिक बजट और टैक्स प्लानिंग में भी हेल्प कर सकता है। इस काम में ‘You Need A Budget’ और ‘Mint’ एआई जैसे प्लेटफॉर्म काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं।
जालसाजी से सेफ्टी और बेहतर रिटर्न के अवसर
आपने कई बार देखा होगा कि रिटायरमेंट के बाद सुरक्षित निवेश के नाम पर उनके साथ ठगी हो जाती है। ऐसे में एआई आधारित बैंकिंग और निवेश प्लेटफॉर्म संदिग्ध लेनदेन को पहचानकर अलर्ट भेज सकते हैं। यह वरिष्ठ नागरिकों के लिए खासतौर पर उपयोगी बन सकता है। साथ ही निवेशकों को उम्मीद से बेहतर निवेश भी मिलने की उम्मीद रहती है। इसके लिए एआई मार्केट में मौजूद डेटा का विश्लेषण करता है। निवेश के नए अवसर खोजता है। साथ ही समय-समय पर पोर्टफोलियो अपडेट करने की सलाह देता है।
निवेश से पहले इन बातों का रखें खास ध्यान
अंत में, भले ही एआई, जिसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता कहते हैं, वो कितना भी एडवांस हो जाए, मगर फिर भी निवेश के लिए एआई टूल का चुनाव पूरी सुरक्षा और धैर्यपूर्वक ढंग से करें। निवेश के लिए हमेशा भरोसेमंद प्लेटफॉर्म का उपयोग करें। अपनी पूरी वित्तीय जानकारी हर ऐप पर साझा न करें। अगर कोई निवेश हाई रिस्क वाला है, उससे बचना ही समझदारी होगा। वरना आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से फायदा उठाने की बजाय आपका भारी आर्थिक नुकसान भी हो सकता है।
