Artificial Intelligence: इमोशन का अभाव एआई को करता है कमजोर, सदियों तक सुरक्षित रहेंगी ये नौकरियां; जरूर डालें एक नजर

Artificial Intelligence: आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की ताकत धीरे-धीरे बढ़ रही है। मगर फिर भी कई सालों तक एआई इन नौकरियों पर अपना प्रभाव नहीं डाल सकता है, क्योंकि एआई के पास भावनाओं की कमी है।

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Artificial Intelligence: इंसानों वाले दिमाग को कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से काफी डर रहा है। जी हां, एआई की बढ़ती क्षमता ने हर किसी को भयभीत किया हुआ है। ऐसे में हर कोई अपने लिए सुरक्षित नौकरी तलाश रहा है। अगर आप भी एआई के दौर में अपनी भविष्य की नौकरी को सेफ देखना चाहते हैं, तो इन विकल्पों पर नजर डाल सकते हैं। नीचे आर्टिकल में कुछ ऐसी नौकरियों की जानकारी दी गई है, जिस पर सदियों तक एआई का प्रभाव नहीं पड़ेगा।

Artificial Intelligence: मानसिक स्वास्थ्य और काउंसलिंग

सोशल मीडिया, इंटरनेट का बढ़ता एक्सेस और नई तकनीकों ने लोगों का काम आसान किया है। मगर दूसरी तरफ, इंसानों में तनाव की स्थिति बढ़ गई है। खासकर युवा पीढ़ी में हर छोटी बात को लेकर तनाव हो जाता है। ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य और काउंसलिंग की नौकरी या करियर इंसानों के लिए काफी अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है। इस फील्ड में भावनात्मक समझ और सहानुभूति सबसे जरूरी है। ऐसे में एआई इस नौकरी पर कई सालों तक हावी नहीं हो सकता है।

शिक्षक और प्रोफेसर

आने वाले टाइम में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस बहुत अधिक मजबूत हो सकता है। मगर फिर भी शिक्षक और प्रोफेसर की नौकरी पर अपना प्रभाव नहीं डाल सकता है। एआई की मदद से किसी भी विषय पर जानकारी ली जा सकती है। साथ ही एआई छात्रों को पढ़ा सकता है। मगर स्टू़डेट्स को प्रेरित करना और इंसानी इमोशन एआई नहीं, बल्कि शिक्षक और प्रोफेसर ही प्रदान कर सकते हैं।

नेतृत्व और राजनीति

किसी भी देश में लीडरशिप और राजनीति का काम सिर्फ डेटा के आधार पर नहीं होता है। ऐसे में एआई सिर्फ जानकारी और डेटा जुटा सकता है। मगर जमीनी स्तर पर उतरकर वहां के मौजूदा हालात को समझना एआई की क्षमता से बाहर है। यही वजह है कि एआई नेतृत्व और राजनीति की फील्ड से सदियों तक दूर ही रहेगा।

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस शक्तिशाली, मगर इमोशन्स की कमी

भले ही आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस बहुत शक्तिशाली हो जाए, मगर फिर भी कई सालों तक इन कामों में इंसानी दिल, संवेदना और नैतिकता जरूरी होगी। एआई कई कामों को आसान कर सकता है, मगर इमोशन आधारित नौकरियां लंबे टाइम तक सुरक्षित रहेंगी, क्योंकि एआई के पास अभी भी भावनाओं का अभाव है।

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