Artificial Intelligence: साल 2026 के साथ भारत में नौकरीपेशा लोगों के बीच अभी भी पुराना डर बना हुआ है। जी हां, क्या एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आपकी नौकरी छीन लेगा? इस सवाल का जवाब इंटरनेट पर जितना अधिक है, उतना ही यह लोगों को खौफ में रहने को मजबूर कर रहा है। ‘The Indian Express’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में से एक, एक्सेंचर ने हाल ही में एक रिपोर्ट पब्लिश की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि सी सुइट लीडर्स एआई की संभावनाओं से बेफिक्र हैं और इस तकनीक में अधिक निवेश करना चाहते हैं।
क्या वाकई Artificial Intelligence भारत में छीन सकता है कई लोगों की नौकरियां?
पिछले कुछ सालों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस ने जितनी तेजी से अपने पैर पसारे हैं, उतनी ही तेजी से इसका विस्तार हुआ है। ऐसे में एक्सेंचर कंपनी के पल्स ऑफ चेंज सर्वे के अनुसार, भारत में लगभग 88% सी सुइट लीडर्स इस साल एआई में अपना निवेश बढ़ाना चाहते हैं, जिनमें से 69 प्रतिशत इस टेक्नोलॉजी को कॉस्ट कम करने के बजाय रेवेन्यू ग्रोथ के एक बड़े सोर्स के रूप में देखते हैं। हालांकि, 27 फीसदी एग्जीक्यूटिव्स का कहना है कि इंडस्ट्री में स्किल्ड टैलेंट की कमी एक बड़ी चुनौती है।
साथ ही बताया गया है कि तकनीक में भारी निवेश के बाद भी भारत में सिर्फ 24% संगठनों ने एआई से जुड़ी लगातार चलने वाली लर्निंग शुरू की है और 10% से भी कम संगठन एआई को अपनाने में मदद करने के लिए नौकरियों को फिर से रिडिजाइन कर रहे हैं। वहीं, दावा किया गया है कि भविष्य में अगर एआई का बबल फूटता है, तो भारत में 60 फीसदी सी सुइट लीडर्स एआई पर निवेश करने को तैयार है। जबकि कर्मचारियों को फिर से नौकरी पर रखने वाले काफी कम लीडर्स शामिल हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का संगठनों में बड़े स्तर पर हो रहा इस्तेमाल
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले कुछ सालों में एआई अब प्रयोगिक स्तर से काफी आगे निकल चुका है। ऐसे में बड़े-बड़े संगठनों ने इसे अपनाना शुरू कर दिया है। भारत में लगभग 41 फीसदी संगठन अलग-अलग तरह से आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एजेंट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। साथ ही 24 फीसदी कंपनियों ने एआई पावर्ड एंड-टू-एंड प्रोसेस को लागू कर दिया है। वहीं, तकरीबन एक तिहाई सी सुइट लीडर्स अपनी रोजाना लाइफ में एआई जेनरेटिव टूल्स का उपयोग कर रहे हैं।
इसके अलावा, भारत में लगभग 47 प्रतिशत कर्मचारियों ने रोजाना एआई टूल्स का इस्तेमाल करना शुरू दिया है। इससे उनकी वर्किंग एफिशियंसी में बढ़ोतरी देखने को मिली है।






