क्या ChatGPT के लिए चुकानी होगी ज्यादा रकम? OpenAI का जवाब जानकर लग सकता है जोर का झटका; अब क्या करें यूजर्स?

ChatGPT: अगर आप चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए एक बुरी खबर है। दरअसल, ओपनएआई ने अपने एआई मॉडल की कीमतों में इजाफा करने की तैयारी शुरू कर दी है।

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ChatGPT: अभी आप हर छोटे सवाल के लिए चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हैं। अगर आपके पास एआई टूल निर्माता का सब्सक्रिप्शन प्लान नहीं है, तो भी आप दिनभर में मुफ्त में इसे यूज करते होंगे। मगर अब ओपनएआई इसे बदलने पर विचार कर रहा है। जी हां, ‘Bg2 Pod’ पॉडकास्ट पर चैटजीपीटी के प्रमुख निक टर्ली ने चैटजीपीटी की कीमतों में बढ़ोतरी करने का संकेत दिया। यह जानकारी उन यूजर्स के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है, जो अपने दिनचर्या का अधिकतर समय इस एआई टूल के साथ व्यतीत करते हैं।

ChatGPT होने वाला है महंगा? कंपनी ने दी यह जानकारी

पॉपुलर चैटबॉट के हेड निक टर्ली ने कहा, ‘जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी आगे बढ़ेगी, यह एआई स्टार्टअप आने वाले समय में अपने अनलिमिटेड सब्सक्रिप्शन प्लान्स को धीरे-धीरे खत्म कर सकता है।’ मालूम हो कि इससे पहले ओपनएआई के प्रमुख सैम ऑल्टमैन ने भी अगले कुछ महीनों में चैटजीपीटी सब्सक्रिप्शन प्लान्स की दरों को बढ़ाने का संकेत देते हुए कहा था कि भविष्य में इंटेलिजेंस को पानी या बिजली की तरह ही एक यूटिलिटी माना जाएगा।

गौरतलब है कि चैटजीपीटी अभी एक मुफ्त वर्जन भी यूजर्स को दे रहा है, जिसमें इस्तेमाल की सीमाएं हैं। वहीं, इसके प्लान्स की बात करें, तो इसकी शुरुआती कीमत हर महीने 1999 रुपये है। इसके प्रो प्लान के लिए यूजर्स को हर महीने 19900 रुपये देने होते हैं। इसके अलावा, इसके किफाएती मॉडल गो प्लान का दाम 399 रुपये प्रति महीने है। ऐसे में जल्द ही यूजर्स को इन तमाम प्लान्स के लिए अधिक रकम चुकानी पड़ सकती है।

चैटजीपीटी में हो सकते हैं कई अहम बदलाव

उधर, कुछ ताजा रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ओपनएआई अपने एआई टूल चैटजीपीटी को एक नए सिस्टम के साथ पेश कर सकती है। इस नए मॉडल का नाम पे एस यू यूज हो सकता है। इसका मतलब है कि जितना यूजर्स एआई टूल का इस्तेमाल करेंगे, उतना ही उन्हें शुल्क देना होगा।

हालांकि, इसकी कीमत ज्यादा हो सकती है। ऐसे में इस मॉडल को खास तौर पर भारी-भरकम कामों को करने के लिए विकसित किया जा सकता है, जिसमें कोडिंग और इमेज एजेंट्स शामिल हैं। वहीं, मौजूदा वक्त बहुत सारे यूजर्स इस एआई टूल का फ्री वर्जन भी इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में कंपनी इसे पूरी तरीके से बंद नहीं कर सकती है, बल्कि इसमें कई नई सीमाएं और कम फीचर्स को रख सकती है। इससे यूजर्स और कंपनी दोनों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

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