सोमवार, जनवरी 12, 2026
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ISRO: अंतरिक्ष में एआई लैब और फ्यूल स्टेशन, इसरो ने लॉन्च की अन्वेषा समेत 15 पावरफुल सैटेलाइट; मगर लास्ट स्टेज में हुई यह गड़बड़ी

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ISRO: देश की स्पेस एजेंसी इसरो यानी इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन के लिए सोमवार का दिन काफी महत्वपूर्ण रहा। इसरो ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में ऐतिहासिक सतीश धवन स्पेस सेंटर से 2026 का पहला मिशन इसरो पीएसएलवी सी62 मिशन लॉन्च किया। इसके साथ ही इसरो ने इतिहास रचने की तैयारी की। इसरो ने पीएसएलवी सी62 मिशन को सुबह 10:17 बजे पर सफल लॉन्च किया। अंतरिक्ष एजेंसी ने 16 सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित किया जाएगा। हालांकि, इसरो ने बताया कि आखिरी चरण में एक गड़बड़ी हो गई है।

ISRO ने दी मिशन की बड़ी अपडेट

स्पेस एजेंसी इसरो ने बताया, “पीएसएलवी सी62 मिशन में PS3 स्टेज के आखिर में एक गड़बड़ी हुई। इसकी विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।” अंतरिक्ष एजेंसी के प्रमुख वी. नारायणन ने कहा, ‘PS3 फेज के आखिर में लॉन्च व्हीकल में ज्यादा गड़बड़ी देखी गई, जिसके बाद फ्लाइट पाथ में बदलाव का पता चला। इसरो डेटा का एनालिसिस कर रहा है और जल्द ही और डिटेल्स शेयर करेगा।’

इसरो ने बताया क्या मिशन की अहम जानकारी

भारतीय स्पेस एजेंसी ने बताया, PSLV-C62 / EOS-N1 मिशन न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) द्वारा किया गया 9वां डेडिकेटेड कमर्शियल मिशन है, जिसमें एक यूज़र के लिए EOS-N1 अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट बनाने और लॉन्च करने के साथ-साथ घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय ग्राहकों के 15 को-पैसेंजर सैटेलाइट के लिए लॉन्च सर्विस भी दी जाएगी। इस लॉन्च में दो सॉलिड स्ट्रैप-ऑन मोटर वाले PSLV-DL वेरिएंट का इस्तेमाल किया जाएगा। यह मिशन PSLV की 64वीं उड़ान होगी।

इसरो के मुताबिक, ‘PSLV-C62 मिशन एक स्पेनिश स्टार्टअप का KID या केस्ट्रेल इनिशियल टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेटर भी दिखाएगा, जो स्टार्टअप द्वारा बनाए जा रहे री-एंट्री व्हीकल का एक छोटा प्रोटोटाइप है। KID को सबसे आखिरी को-पैसेंजर के तौर पर इंजेक्ट किया जाएगा, जिसके बाद यह साउथ पैसिफिक महासागर में गिरने के लिए पृथ्वी के वायुमंडल में फिर से प्रवेश करेगा।’

अंतरिक्ष में एआई लैब और फ्यूल स्टेशन

उधर, बताया जा रहा है कि अगर इसरो पीएसएलवी सी62 मिशन सफल हो जाता, तो लोगों को रियल टाइम आपदा विश्लेषण के लिए अंतरिक्ष में एआई प्रोसेसिंग पावर किराए पर लेने की सुविधा प्रदान करता।

आमतौर पर किसी एक सैटेलाइट की लाइफ उसमें मौजूद ईंधन की मात्रा पर निर्भर करती है। ऐसे में फ्यूल खत्म होने के बाद वो सैटेलाइट बेकार हो जाती है। ऐसे में वो अंतरिक्ष में कचरा बन जाती है। मगर इसरो पीएसएलवी सी62 मिशन के जरिए भारत स्पेस में फ्यूल स्टेशन स्थापित करने वाला था।

Amit Mahajan
Amit Mahajanhttps://www.dnpindiahindi.in
अमित महाजन DNP India Hindi में कंटेंट राइटर की पोस्ट पर काम कर रहे हैं.अमित ने सिंघानिया विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में डिप्लोमा किया है. DNP India Hindi में वह राजनीति, बिजनेस, ऑटो और टेक बीट पर काफी समय से लिख रहे हैं. वह 3 सालों से कंटेंट की फील्ड में काम कर रहे हैं.

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