Meta AI: क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बच्चों के लिए खतरनाक? मेटा ने टीनएजर्स के एआई कैरेक्टर्स एक्सेस पर लगाई रोक; जानें क्या होंगे फायदे

Meta AI: मेटा एआई ने टीनएजर्स की सुरक्षा और मानसिक स्थिति को सही रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। टेक कंपनी ने टीनएजर्स के एआई कैरेक्टर्स का यूज करने को अस्थाई तौर पर रोक दिया है।

Meta AI: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जिसे शॉर्ट में एआई भी कहते हैं। यह नाम सुनने में या पढ़ने में जितना दिलचस्प लगता है, हकीकत में उतना ही खतरनाक है। जी हां, एक तरफ जहां, एआई सभी सेक्टरों में अपनी पहुंच बढ़ा रहा है। वहीं, दूसरी तरफ, एआई टीनएजर्स के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। इसी बीच मेटा कंपनी ने टीनएजर्स के लिए बड़ा कदम उठाया है। मेटा ने अपने ब्लॉग में कहा है कि ‘एआई कैरेक्टर’ (एआई डिजिटल किरदार) तक पहुंच को अस्थाई तौर पर रोक दिया गया है। इसे आने वाले कुछ हफ्तों में लागू किया जाएगा।

Meta AI ने टीनएजर्स की भलाई के लिए उठाया बड़ा कदम

टेक कंपनी मेटा ने बताया है कि मेटा एआई में टीनएजर्स अब एआई कैरेक्टर का यूज नहीं कर पाएंगे। हालांकि, एआई असिस्टेंस की सुविधा का लाभ टीनएजर्स के लिए जारी रहेगा। बता दें कि मेटा इंक के अधीन इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म आते है, जिन पर इस नए नियम को लागू किया जाएगा। मेटा के मुताबिक, नया नियम उन सभी पर लागू होता है, जिन्होंने मेटा को ऐसी जन्मतिथि दी है, जिससे यूजर्स नाबालिग की श्रेणी में आते हैं। साथ ही कंपनी अपनी तकनीक के जरिए अडल्ट यूजर्स की आयु की भी जांच करेगी।

मेटा एआई के फैसले से नाबालिग युवाओं को मिलेगा फायदा?

गौरतलब है कि दुनियाभर में एआई चैटबॉट्स के आने के बाद टीनएजर्स में काफी तरह के बदलाव देखने को मिले हैं। नाबालिग युवाओं की सोच को एआई ने काफी हद तक प्रभावित किया है। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि एआई चैटबॉट्स के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से कई युवा आत्महत्या और कई अन्य संवेदनशील कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं। साथ ही युवाओं में चिढ़चिढ़ापन, हिंसक प्रवृत्ति और गुस्सा समेत कई तरह की दिक्कतें बढ़ रही हैं। ऐसे में टीनएजर्स को सोशल मीडिया का इस्तेमाल काफी लिमिट में रहकर करना चाहिए। मालूम हो कि मेटा एआई से पहले गूगल और ओपनएआई जैसी टेक कंपनियां भी टीनएजर्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई फैसले ले चुकी है।

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