Punjab News:मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने आज कई अहम फैसलों को मंजूरी दे दी है। इन फैसलों का उद्देश्य नीट (नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट) की दोबारा होने वाली परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थियों को बड़ी राहत देना, नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना, जनता के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना और प्रदेश में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (कारोबार को आसान बनाने) में और सुधार करना है।
औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति, 2026′ में अहम संशोधन शामिल हैं
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान लिए गए इन फैसलों में नीट परीक्षार्थियों और उनके साथ एक अटेंडेंट (सहायक) के लिए मुफ्त बस सफर, 1,013 लेक्चरारों और 156 जूनियर इंजीनियरों (जे.ई.) की भर्ती, पटियाला और जालंधर में गीले कचरे पर आधारित कंप्रेस्ड बायोगैस प्रोजेक्टों की स्थापना और पंजाब में निवेश व औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए ‘औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति, 2026’ में अहम संशोधन शामिल हैं।
इस बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया, “मंत्रिमंडल ने विद्यार्थी कल्याण, शिक्षा, रोजगार के अवसर पैदा करने, बुनियादी ढांचे के विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, प्रशासनिक सुधारों और औद्योगिक विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी है, जो जनता की भलाई और आर्थिक प्रगति के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हैं।”
नीट (अंडर ग्रेजुएट) की दोबारा परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों को बड़ी राहत देते हुए कैबिनेट ने उम्मीदवारों और उनके साथ जाने वाले एक अटेंडेंट के लिए पंजाब और चंडीगढ़ में परीक्षा केंद्रों तक मुफ्त बस सफर को मंजूरी दी है। उल्लेखनीय है कि 3 मई, 2026 को हुई नीट की परीक्षा रद्द कर दी गई थी और अब यह परीक्षा 21 जून, 2026 के लिए पुनर्निर्धारित की गई है।
विद्यार्थियों और उनके अटेंडेंट की सुविधा के लिए पंजाब रोडवेज, पनबस और पी.आर.टी.सी. की बसें 20, 21 और 22 जून को पंजाब और चंडीगढ़ के परीक्षा केंद्रों तक आने-जाने के लिए मुफ्त सफर की सुविधा प्रदान करेंगी। विद्यार्थियों को इस सुविधा का लाभ लेने के लिए सिर्फ अपना एडमिट कार्ड दिखाना होगा और उनसे कोई किराया नहीं लिया जाएगा। मुफ्त सफर सुविधा का वित्तीय बोझ ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा उठाया जाएगा और वित्त विभाग द्वारा इसकी भरपाई की जाएगी। यह पहल विद्यार्थी कल्याण, शिक्षा को बढ़ावा देने और किफायती व सुलभ जनता परिवहन सेवाओं को सुनिश्चित करने के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
लेक्चरार कैडर के 1,013 पद भरे जाएंगे; आयु सीमा में पांच साल की छूट को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने एजुकेशन रिक्रूटमेंट डायरेक्टोरेट के माध्यम से लेक्चरार कैडर (ग्रुप-बी) के बैकलॉग और नए सृजित पदों सहित 1,013 मंजूरशुदा रिक्त पदों को भरने की भी मंजूरी दे दी। कैबिनेट ने स्कूल शिक्षा विभाग में लेक्चरार कैडर के पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए ऊपरी आयु सीमा में पांच साल की एकमुश्त छूट भी दी है। इस कदम का उद्देश्य नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना और सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है।
लोक निर्माण विभाग में जूनियर इंजीनियर के 156 पदों को मंजूरी
एक और अहम फैसला लेते हुए, मंत्रिमंडल ने लोक निर्माण विभाग में 156 जूनियर इंजीनियरों की भर्ती को मंजूरी दे दी है, जिसमें जूनियर इंजीनियर (सिविल) के 127 पद और जूनियर इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) के 29 पद शामिल हैं। इस भर्ती से विभाग का कामकाज और सुचारू बनेगा और प्रभावी योजना, निगरानी और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकेगी। ये सभी पद पंजाब अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड (पी.एस.एस.एस.बी.) द्वारा सीधी भर्ती के माध्यम से भरे जाएंगे।
पटियाला और जालंधर में गीले कचरे पर आधारित सी.बी.जी. प्रोजेक्ट को मंजूरी
कचरे के स्थायी प्रबंधन और नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मंत्रिमंडल ने नगर निगम पटियाला और नगर निगम जालंधर में 100 टी.पी.डी. की क्षमता वाले गीले कचरे पर आधारित कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्रोजेक्टों को मंजूरी दे दी है और ये प्रोजेक्ट नामांकन के आधार पर एच.पी.सी.एल. रीन्यूएबल एंड ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एच.पी.आर.जी.ई.) को सौंपे जाएंगे।
प्रदेश भर की 166 शहरी स्थानीय इकाइयों में प्रतिदिन लगभग 4,000 टन म्यूनिसिपल ठोस कचरा पैदा होता है। इस प्रोजेक्ट के तहत गीले कचरे की वैज्ञानिक ढंग से प्रोसेसिंग की जाएगी जिससे कचरे के नीचे दबी जगहें साफ हो सकेंगी, शहरी सफाई और जनता के स्वास्थ्य में सुधार होगा, नवीकरणीय ऊर्जा और जैविक खाद पैदा होगी, मीथेन का उत्सर्जन घटेगा और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
सीनियरिटी से संबंधित विवादों को सुलझाने के लिए पंजाब सिविल सेवाएं नियमों में संशोधन
मंत्रिमंडल ने पंजाब सिविल सर्विसेज (जनरल एंड कॉमन कंडीशंस ऑफ सर्विस) रूल्स-1994 के नियम-8 में संशोधन को भी मंजूरी दे दी है। यह संशोधन उन स्थितियों का समाधान करता है जहां एक जैसी योग्यता प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों की जन्म तिथि भी एक जैसी होती है। ऐसे मामलों में अंतर-सीनियरिटी अब मेरिट के आधार पर निर्धारित की जाएगी, जिसमें संबंधित पद के लिए निर्धारित न्यूनतम शैक्षिक योग्यता में प्राप्त अंतिम ग्रेडिंग या प्रतिशतता शामिल होगी।
निवेश को बढ़ावा देने के लिए ‘औद्योगिक और व्यापार विकास नीति-2026’ में संशोधन
पंजाब के औद्योगिक माहौल को और मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण फैसले में मंत्रिमंडल ने ‘औद्योगिक और व्यापार विकास नीति-2026’ और पंजाब उद्योग क्रांति पहल के तहत विभिन्न सेक्टोरल नीतियों में संशोधनों को मंजूरी दी है।
इन संशोधनों में वित्तीय रियायतें सिर्फ मौजूदा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एम.एस.एम.ई.) की बजाय मौजूदा औद्योगिक इकाइयों पर लागू होने का प्रावधान किया गया है। ये औद्योगिक क्लस्टरों, अनुसंधान एवं विकास सुविधाओं और पर्यावरण-अनुकूल प्रौद्योगिकियों से संबंधित प्रावधानों को भी मजबूत करती हैं। पहली 50 योग्य इकाइयों के लिए 10 लाख रुपये का एकमुश्त प्रोत्साहन में अब न्यूनतम गोल्ड लेवल जेड.ई.डी. सर्टिफिकेशन या उससे अधिक सर्टिफिकेशन प्राप्त करने वाले उद्योग शामिल होंगे, जबकि सेक्टोरल नीतियों में समग्र प्रोत्साहन सीमाओं से संबंधित प्रावधानों को संकेतात्मक और गैर-कानूनी माना जाएगा।
इन सुधारों से निवेश को बढ़ावा मिलने, औद्योगिक विकास को मजबूती मिलने और पंजाब के देश में सबसे आकर्षक निवेश स्थान के रूप में उभरने की उम्मीद है।






