Rain Alert 16 March 2026: देश के कई हिस्सों में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 16 मार्च 2026 को लेकर ताज़ा मौसम अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार कुछ राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना है, जबकि कई इलाकों में तेज धूप और बढ़ती गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। मौसम के इस बदले मिज़ाज ने खासकर किसानों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक हर जगह अलर्ट से अफरातफरी मची हुई है। इसके अलावा विभाग ने लोगों को गर्मी के दौरान घरों में रहने की सलाह दी है। चलिए आपको बताते है देशभर का वेदर रिपोर्ट
जम्मू कश्मीर, हिमाचल में बारिश का रेड अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर भारत और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में बादल सक्रिय रहेंगे। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ जगहों पर तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिससे मौसम अचानक बदल सकता है।
इसके अलावा पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भी बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण यह बदलाव देखने को मिल रहा है।
असम में 16 मार्च को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। वहीं 16 और 17 मार्च को भी कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है। 15–17 मार्च के दौरान अरुणाचल प्रदेश में और 15 मार्च को मिज़ोरम में भी कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है।
इन जगहों पर सूरज उगलेगा आग
जहां एक तरफ पहाड़ी और कुछ मैदानी इलाकों में बारिश से तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है, वहीं मध्य भारत और पश्चिमी राज्यों में गर्मी बढ़ने के आसार हैं। राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश के कई शहरों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है।
तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दिन के समय लोगों को गर्मी का अहसास ज्यादा हो सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय धूप से बचने की सलाह दी है।
मौसम के इस उतार-चढ़ाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई इलाकों में इस समय गेहूं, सरसों और अन्य रबी फसलों की कटाई की तैयारी चल रही है। ऐसे में अचानक बारिश या तेज हवाएं फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों का कहना है कि मौसम के बदलते रुख के कारण खेती-किसानी की योजना बनाना मुश्किल हो रहा है। किसान अब मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर बनाए हुए हैं।






