US-Israel-Iran-War: मीडिल ईस्ट में जारी युद्ध का असर भारत के साथ-साथ कई देशों पर दिखना शुरू हो गया है। पाकिस्तान में तो पेट्रोल मिलना मुश्किल हो गया है, तो चीन में भी लंबी-लंबी कतारे दिख रही है। वहीं अब भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर भी दिखने लगा है। हाल के दिनों में कई शहरों में एलपीजी (LPG) की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है। इसी बीच कुछ जगहों पर सीएनजी (CNG) पंपों पर लंबी कतारें भी देखी गईं, जिससे लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या अब सीएनजी पर भी संकट आने वाला है। बता दें कि बड़ी संख्या में ऑटो, कार चालक सीएनजी का प्रयोग करते है। हालांकि केंद्र सरकार की तरफ से यह कहा जा रहा है कि पेट्रोल-डीजली, एलपीजी, और सीएनजी की किसी प्रकार की कमी नहीं है। हालांकि कई जगहों पर सीएनजी के लिए लाइन देखी गई।
एलपीजी के बाद सीएनजी पर गहराया संकट
हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को 18-20 सीएनजी फिलिंग स्टेशन बंद हो गए, जिससे इन आउटलेट्स पर मिलने वाली गैस की मात्रा सीमित हो गई। यह मुंबई में एमजीएल के लगभग 150 सीएनजी फिलिंग स्टेशनों में से 10% से अधिक है। दबाव गिरने से मुंबई के 3 लाख ऑटो रिक्शा और 5 लाख सीएनजी से चलने वाले चार पहिया वाहन एक बार में पूरी टंकी नहीं भर पाएंगे। एमजीएल सूत्रों ने कहा, “यह प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को तर्कसंगत बनाने का एक तरीका है, जिसके तहत घरों में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को वाहनों के लिए सीएनजी की तुलना में प्राथमिकता दी जाती है। स्थिति में सुधार होने तक हम आपूर्ति को तर्कसंगत बनाना जारी रखेंगे।”
क्या CNG की सप्लाई भी प्रभावित होगी?
फिलहाल सरकार और गैस कंपनियों का कहना है कि आम उपभोक्ताओं के लिए CNG और पाइप्ड गैस की सप्लाई सामान्य है। दिल्ली में गैस वितरण कंपनी ने साफ किया है कि सीएनजी और घरेलू पीएनजी की आपूर्ति जारी रहेगी और इसमें कोई तत्काल संकट नहीं है। हालांकि कुछ शहरों में औद्योगिक और कमर्शियल गैस की सप्लाई में कटौती की गई है ताकि घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दी जा सके। वहीं अब देखना होगा कि सरकार इन परिस्थिति से कब निकलती है।






