Balochistan News: क्या इतना असहाय हुआ पाकिस्तान? बलूच प्रांत में हालात देख रक्षा मंत्री के छूटे पसीने, रेत की तरह हाथ से फिसला मामला

Balochistan News: अशांत बलूच क्षेत्र में हुए हमलों के बाद पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के पसीने छूट गए हैं। ख्वाजा आसिफ ने मुनीर सेना की नाकामयाबी पर टिप्पणी की है।

Balochistan News: हुकूमत की नाक के नीचे पाकिस्तान में बर्बादी का खेल जारी है। पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान में बीते दिनों ही कई धमाके हुए जिसने हुकूमत के साथ मुनीर सेना के होश उड़ा दिए हैं। आलम ये है कि असहाय पाकिस्तान कुछ कर पाने की स्थिति में भी नहीं है।

पीएम शहबाज शरीफ के साथी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के पसीने हालिया स्थिति देख छूट रहे हैं। ऐसा लग रहा है मानों बलूचिस्तान से जुड़ा मामला पाकिस्तानी हुकूमत की हाथ से रेत की तरह फिसल रहा है। पाकिस्तान आधिकारिक रूप से बलूचिस्तान में अशांति फैलने से रोकने की दिशा में कुछ नहीं कर पा रहा है।

बलूच प्रांत में हालात देख रक्षा मंत्री के छूटे पसीने!

पड़ोसी मुल्क के अशांत क्षेत्र बलूचिस्तान की हालिया स्थिति रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के पसीने छुड़ा रही है। बलूचिस्तान के अलग-अलग शहरों में बीएलए द्वारा किए गए हमलों के बाद स्थिति तनावपूर्ण है। जगह-जगह पाकिस्तानी सेना मोर्चा संभाल रही है। इसी बीच असहाय नजर आ रहे पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि बलूचिस्तान पाकिस्तान का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा है।

इतना बड़ा इलाका संभालना किसी एक शहर की सुरक्षा से कहीं ज्यादा मुश्किल है। रक्षा मंत्री का ये बयान दर्शाता है कि किस कदर पाकिस्तानी हुकूमत अपने आधिपत्य वाले एक इलाके की सुरक्षा तक नहीं कर पा रही है। ऐसा लग रहा है मानों वक्त के साथ रेत धीरे-धीरे पाकिस्तान के हाथ से फिसल रहा है।

बलूचिस्तान में हमलों के बाद अलर्ट पर मुनीर सेना!

वक्त की नजाकत को देखते हुए स्वतंत्रता की मांग पर अड़े बलूच लिबरेशन आर्मी के लड़ाकों ने पाकिस्तानी सेना पर जोरदार हमला किया। बलूचिस्तान के अलग-अलग 12 शहरों में हमला कर बीएलए ने करीब 50 से अधिक पाकिस्तानी सेना के जवानों को मौत के घाट उतार दिया।

स्थानीय मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री सरफराज बुगती, ख्वाजा आसिफ और आसिम मुनीर की नाक के नीचे सारे खेल को अंजाम दिया गया। अब मुल्क में मुनीर सेना अलर्ट पर है। लगातार उग्रवादियों पर हमले जारी हैं। इस बीच रक्षा मंत्री ने बेबस भाव में कहा है कि बलूचिस्तान पर नियंत्रण करना इतना आसान नहीं है। अब देखना दिलचस्प होगा कि पड़ोसी मुल्क की हुकूमत कैसे इस चुनौती से निपटती है।

Exit mobile version