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Tarique Rahman की कैबिनेट में क्या हिंदू नेताओं को मिलेगी जगह? पाकिस्तान-चीन के लिए कैसे सिरदर्द बन सकती है नई हुकूमत? जानें

Tarique Rahman

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

Tarique Rahman: ढ़ाका का सियासी समीकरण आज से पूर्णत: बदल जाएगा। पाकिस्तान और चीन की ओर झुकाव रखने वाली मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार की विदाई आज आधिकारिक रूप से हो जाएगी। दरअसल, बांग्लादेश आम चुनाव में बंपर जीत दर्ज कर सत्ता में लौटी बीएनपी गठबंधन के नेता तारिक रहमान आज मुल्क के नए पीएम के रूप में शपथ लेंगे।

तारिक रहमान जिया के शपथग्रहण को लेकर ढ़ाका में स्थित संसदीय भवन के साउथ प्लाजा में तैयारियां जोरों पर हैं। सवाल है कि क्या तारिक रहमान की कैबिनेट में कोई हिंदू चेहरा भी शामिल हो सकता है? तारिक रहमान का बांग्लादेश की कमान संभालना कैसे पाकिस्तान और चीन की बेचैनी बढ़ा सकता है? तो आइए इन सवालों का जवाब देने की कोशिश करते हैं।

बीएनपी नेता Tarique Rahman की कैबिनेट में क्या हिंदू नेताओं को मिलेगी जगह?

आज शाम 3:30-4:00 बजे नई बांग्लादेशी सरकार का शपथग्रहण होना है। इस दौरान तारिक रहमान जिया मुल्क के नए पीएम के रूप में शपथ लेंगे। उनके साथ कुछ और मंत्रियों के शपथ लेने की खबर भी है। सवाल है कि क्या तारिक रहमान अपनी नई कैबिनेट में हिंदू नेताओं को भी शामिल कर सकते हैं। दरअसल, गोयेश्वर चंद्र रॉय और निताई रॉय के रूप में दो हिंदू सांसद चुनाव जीतकर संसद भवन पहुंचे हैं।

गोयेश्वर चंद्र रॉय का प्रभाव अच्छा है और वे 1991-1996 वाली खालिद जिया की सरकार में राज्य मंत्री भी रह चुके हैं। आसार जताए जा रहे हैं कि तारिक रहमान की कैबिनेट में इनमें से किसी एक हिंदू चेहरे को शामिल किया जा सकता है। हालांकि, अभी इस पर आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं सामने आई है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि तारिक रहमान की सरकार आगे अल्पसंख्यक हिंदुओं को क्या संदेश देती है।

पाकिस्तान-चीन के लिए कैसे सिरदर्द बन सकती है नई हुकूमत?

जनमत जिनके साथ है ऐसे तारिक रहमान की नई हुकूमत पड़ोसी मुल्क चीन और पाकिस्तान के लिए सिरदर्द बन सकती है। यदि तारिक रहमान पूर्व पीएम शेख हसीना की तर्ज पर बीजिंग और इस्लामाबाद के बजाय नई दिल्ली से नजदीकी साधने लगे, तो दोनों बेचैन हो सकते हैं। तारिक रहमान उदार व्यक्तित्व के नेता हैं जो विकास को बढ़ावा देना पसंद करते हैं।

बीएनपी नेता ने अपने संबोधन में भी ढ़ाका को नई ऊंचाई तक ले जाने का वादा किया था। ऐसे में अतीत पर नजर डालें तो पता चलता है कि कैसे बांग्लादेश नई दिल्ली से नजदीक रहते हुए विकास के रास्ते पर बढ़ा था। शेख हसीना ने पाकिस्तान और चीन को आईना दिखाते हुए भारत की मदद से वैश्विक स्तर पर एक छाप छोड़ी। ऐसे में यदि तारिक रहमान उसी नक्शेकदम पर आगे बढ़े, तो पाकिस्तान-चीन की बेचैनी बढ़ सकती है।

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