अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर हस्ताक्षर होते ही Donald Trump ने ली राहत की सांस, जानिए क्या है 14 बड़ी शर्तें

Donald Trump: अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए गए और इसे लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति काफी खुश नजर आए हैं। आइए जानते हैं पूरी खबर क्या है जो चर्चा में है और किन 14 शर्तों पर यह समझौता हुआ है।

Donald Trump

Photo Credit- Google Donald Trump

Donald Trump: लंबे समय से ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनातनी पर होने वाले समझौते को लेकर दुनिया की नजर बनी हुई थी। वहीं इस सबके बीच अब फ्रांस में चल रहे जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रतिष्ठित वर्साय पैलेस में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के सामने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया है। हालांकि इस समझौता ज्ञापन पर 14 मुख्य बिंदु तय किए गए हैं। आइए जानते हैं क्या है वह जिस पर राजी हुए ईरान और अमेरिका। इसके साथ ही डोनाल्ड ट्रंप ने राहत की सांस ली है।

शांति समझौता पर हस्ताक्षर करने के बाद क्या बोले Donald Trump

ईरान-अमेरिका के बीच समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चेहरे पर खुशी दिखाई दी और इस दौरान उन्होंने कहा, “मैंने इस पर वर्साय में हस्ताक्षर किए… बस हस्ताक्षर कर दिए। यह आसान नहीं था।” इसके साथ ही दोनों देशों के बीच जारी दुश्मनी पर तुरंत ही विराम लग जाएगा और रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य को कमर्शियल जहाजों के लिए फिर से खोल दिया जाएगा। ईरान को कुछ प्रतिबंधों में राहत दी जाएगी और तेल एक्सपोर्ट को दोबारा शुरू करने का रास्ता खुलेगा। जाहिर तौर पर यह दुनिया के लिए राहत की खबर है।

क्या थे अमेरिका और ईरान के समझौता ज्ञापन (MoU) के 14 प्रावधान

1. सैन्य अभियानों की तत्काल समाप्ति का वादा

अमेरिका, ईरान और उनके सहयोगी लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तत्काल और स्थायी रूप से समाप्त करने की घोषणा करेंगे।

2. आपसी सुरक्षा और संप्रभुता का सम्मान पर जोर

दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ युद्ध, सैन्य कार्रवाई, बल प्रयोग या उसकी धमकी से बचेंगे और लेबनान सहित एक-दूसरे की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता व आंतरिक मामलों का सम्मान करेंगे।

3. अंतिम समझौते की समय-सीमा

दोनों देश अधिकतम 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते पर बातचीत पूरी करने का प्रयास करेंगे जिसे आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकेगा।

4. अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी की समाप्ति पर जोर

एमओयू पर हस्ताक्षर होते ही अमेरिका ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी हटाने की प्रक्रिया शुरू करेगा और 30 दिनों के भीतर जहाजों की आवाजाही को युद्ध-पूर्व स्तर पर पूरी तरह बहाल कर देगा।

5. अमेरिकी सैन्य बलों की वापसी पर जोर

अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर होने के 30 दिनों के भीतर अमेरिका ईरान के निकटवर्ती क्षेत्रों से अपनी सैन्य मौजूदगी पूरी तरह हटा लेगा।

6. वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षित मार्ग हो प्रावधान

ईरान फारस की खाड़ी और ओमान सागर के बीच वाणिज्यिक (व्यापारिक) जहाजों को बिना किसी शुल्क के सुरक्षित मार्ग देगा, तथा बारूदी सुरंगें व सैन्य बाधाएं हटाकर 30 दिनों के भीतर सामान्य यातायात बहाल करेगा।

7. जलडमरूमध्य के प्रशासन पर होगी वार्ता

ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य के भविष्य के प्रशासन को लेकर ओमान और फारस की खाड़ी के अन्य तटीय देशों के साथ अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत बातचीत करेगा।

8. क्या है $300 अरब का पुनर्निर्माण पैकेज

अमेरिका अपने क्षेत्रीय साझेदारों के साथ मिलकर ईरान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर की योजना तैयार करेगा, जिसकी रूपरेखा 60 दिनों में तय होगी।

9. सभी प्रतिबंधों की समाप्ति का वादा

अमेरिका अंतिम समझौते के तहत ईरान पर लगे सभी प्राथमिक, द्वितीयक, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और आईएईए (IAEA) के प्रतिबंधों को पूरी तरह समाप्त करने का वचन दिया गया है।

10. परमाणु हथियारों पर रोक की बात

ईरान ने याद दिलाया कि वह परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा। उसका संवर्धित यूरेनियम आईएईए की देखरेख में नष्ट किया जाएगा और अंतिम समझौते तक वह परमाणु कार्यक्रम आगे नहीं बढ़ाएगा।

11. यथास्थिति को बरकरार रखने पर हुआ समझौता

अंतिम समझौता होने तक ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं करेगा और अमेरिका न तो कोई नया प्रतिबंध लगाएगा। न ही क्षेत्र में अतिरिक्त सैनिक तैनात करेगा।

12. तेल निर्यात और बैंकिंग सेवाओं में तत्काल छूट का वादा

अमेरिकी वित्त मंत्रालय ईरानी कच्चे तेल, उत्पादों के निर्यात, बैंकिंग, बीमा और परिवहन सेवाओं के लिए जरूरी छूट और लाइसेंस जारी करेगा।

13. ईरानी फंड और संपत्तियों की वापसी पर लगी मुहर

अमेरिका द्वारा रोकी गई या जब्त की गई ईरान की सभी संपत्तियां और फंड वापस लौटाए जाएंगे जिनका उपयोग ईरान का केंद्रीय बैंक भुगतान के लिए कर सकेगा।

14. निगरानी के लिए कार्यकारी तंत्र होगा लागू

इस एमओयू के सफल क्रियान्वयन और भविष्य के अंतिम समझौते के नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए दोनों देश मिलकर एक संयुक्त कार्यकारी तंत्र स्थापित करेंगे।

निश्चित तौर पर इस शांति समझौते से दुनिया पर कई मामलों में असर देखने को मिल सकता है।

 

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