Donald Trump का Iran को 48 घंटे का अल्टीमेटम, नहीं खोला ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ तो अमेरिका लेगा इतिहास का सबसे भयंकर फैसला; क्या करेगी ईरानी सेना?

Donald Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को 2 दिनों की चेतावनी देते हुए ईरान से 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को खोलने की अपील की है। अगर ईरानी सेना ऐसा नहीं करती है, तो अमेरिका अब तक का सबसे बड़ा हमला कर सकता है। इससे जंग और भड़क सकती है।

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Donald Trump: इजरायल और अमेरिका ने 28 फरवरी को मिलकर ईरान पर हमला किया था। इसके बाद यह जंग अब चौथे हफ्ते में पहुंच चुकी है। यह लड़ाई अब तेल, मिसाइल या किसी इलाके को कब्जे में लेने से काफी आगे जा चुकी है। हालांकि, अभी तक दोनों में से किसी भी पक्ष ने इस महायुद्ध को खत्म करने का ऐलान नहीं किया है। बल्कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताजा बयान से साफ हो गया है कि यह लड़ाई लंबी चल सकती है। यूएस ने ईरान को 2 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। अगर 48 घंटे में ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ नहीं खुलता है, तो ईरान पर भयंकर हमला हो सकता है।

Donald Trump ने तेहरान को दिया 2 दिनों का अल्टीमेटम

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा, ‘अगर ईरान, ठीक इसी समय से 48 घंटों के भीतर बिना किसी धमकी के ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को पूरी तरह से नहीं खोलता है, तो अमेरिका उनके विभिन्न पावर प्लांट पर हमला करके उन्हें तबाह कर देगा, जिसकी शुरुआत सबसे बड़े प्लांट से होगी।’

गौरतलब है कि ट्रंप की यह धमकी ऐसे समय में आई हैं जब ईरान द्वारा ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में जहाजरानी को धमकाने के कारण तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। रिपब्लिकन राष्ट्रपति ने शुक्रवार को संकेत दिया कि अमेरिका ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को स्थिर किए बिना भी चल रहे इस संघर्ष से पीछे हट सकता है। यह वह जलमार्ग है, जिससे दुनिया को लगभग 20 फीसदी तेल आपूर्ति गुजरती है।

डोनाल्ड ट्रंप ने जंग के बीच दिया बड़ा संकेत

इजरायल-अमेरिका और ईरान के मध्य जारी महायुद्ध के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में यह भी घोषणा की थी कि वह ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटा रहा है, यह वह तेल है, जो शुक्रवार तक जहाजों पर पहले ही लोड किया जा चुका था। इस संबंध में अमेरिकी वित्त विभाग के सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा, ‘इस छूट से वैश्विक बाजारों में लगभग 140 मिलियन बैरल तेल आएगा और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहे दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।’

उधर, ईरान ने भी अमेरिका को खौफनाक चेतावनी के साथ इसका जवाब दिया है कि पूरे क्षेत्र में मौजूद पानी को मीठा बनाने वाले संयंत्र भी हमलों का निशाना बन सकते हैं। ऐसे में मिडिल-ईस्ट में जारी यह भारी संग्राम दुनिया के अन्य देशों के लिए काफी भयावह हो सकता है। कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि इस महाजंग के बाद दुनिया में एक बार फिर आर्थिक मंदी आ सकती है, इससे भारत भी अछूता नहीं रहेगा।

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