Donald Trump: अमेरिका में राजनीतिक स्थिति पूरी तरह से बदल गई है जहां डेमोक्रेट्स की जीत के बाद डोनाल्ड ट्रंप का दबदबा वैसे भी कम हो गया है। इस सब के बीच सबसे बड़ा झटका पाकिस्तान को लगा है क्योंकि उनके साथ चल रही कूटनीतिक और कारोबारी कोशिशें अब धरातल पर मिलती हुई नजर आ रही है। आइए जानते हैं कैसे पाकिस्तान को झटका लगा है और अमेरिका की राजनीति बदलते ही जाहिर तौर पर पड़ोसी मुल्क की चिंता बढ़ गई है। दरअसल पिछले लंबे समय से पाकिस्तान डोनाल्ड ट्रंप सरकार के साथ रिश्ता मजबूत करने के लिए सभी प्रयास कर रहे थे लेकिन मध्यवती चुनाव ने उन्हें झटका दिया है।
क्या अमेरिका के भरोसे बैठकर पाकिस्तान ने अपने पांव पर मार ली कुल्हाड़ी
डोनाल्ड ट्रंप सरकार के साथ रिश्ता मजबूत करने के लिए पाकिस्तान ने कितने प्रयास किए लेकिन अमेरिकी मध्यवर्ती चुनाव में डेमोक्रेटिक की जीत के बाद निश्चित तौर पर चिंता बढ़ गई है। अब वह उसके साथ कैसे अपनी रिश्ते को मजबूत कर पाएंगे। जाहिर तौर पर इजरायल ईरान संघर्ष के कारण हुए आर्थिक दबाव से क्या लोगों को राहत मिल पाएगी। इस पर भी नजरें बनी हुई है। पहले से ही पाकिस्तान तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से आर्थिक दबाव का सामना कर रही है।
क्यों Donald Trump का साथ छूटना पाकिस्तान के लिए है झटका
डोनाल्ड ट्रंप के साथ अमेरिका ने अपने रिश्ते को मजबूत किया था और उनके कई ऐसे समझौते हैं जो ट्रंप के परिवार या उनके करीबी सहयोगियों से जुड़े हैं। चाहे वह क्रिप्टो करेंसी हो या फिर खनन परियोजना और बाकी चीजें लेकिन अब अमेरिकी सरकार में बदलाव के साथ ही पहले से चले आ रहे समझौते की जांच का खतरा मंडरा गया है। यह पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका है। अब ऐसे में यह देखना खास होने वाला है कि पाकिस्तान अमेरिका के साथ अपने रणनीतिक रिश्ते को कैसे सुरक्षित रख पाता है और उसके लिए उन्हें किन रास्तों से गुजरना पड़ता है।
