Donald Trump: मीडिल ईस्ट में स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। हालांकि अभी भी अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर जारी है। इसी बीच एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और प्रधानमंत्री PM Modi की फोन पर बातचीत हुई है। बता दें कि इसकी जानकारी खुद पीएम मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर दी है।
बताचीत के दौरान कई अगम मुद्दों पर चर्चा हुई। मालूम हो कि हाल ही में पाकिस्तान के इस्लामाबाद में बातचीत के लिए ईरान और अमेरिका का डेलिगेशन पहुंचा था, लेकिन वहां पर बातचीत पूरी तरह से विफल रही थी और कोई नतीजा नहीं निकला। माना जा रहा है कि इसी वजह से ट्रंप ने पीएम मोदी को फोन किया। आईए समझते है इसके मायने।
PM Modi ने ट्वीट कर दी अहम जानकारी
पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “मुझे मेरे मित्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का फोन आया। हमने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में हुई महत्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा की। हम सभी क्षेत्रों में अपनी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
Received a call from my friend President Donald Trump. We reviewed the substantial progress achieved in our bilateral cooperation in various sectors. We are committed to further strengthening our Comprehensive Global Strategic Partnership in all areas. We also discussed the…
— Narendra Modi (@narendramodi) April 14, 2026
हमने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की और होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित रखने के महत्व पर जोर दिया”। गौरतलब है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान में तनातनी जारी है। एक तरफ ईरान होर्मुज पर नाकाबंदी की बात कर रहा है, तो दूसरी तरफ ईरान इस मार्ग को खोलने को लेकर मना कर रहा है।
अमेरिका-ईरान-इजरायल युद्ध में क्या भारत निभाएगा मुख्य भूमिका?
बताते चले कि भारत इजरायल और ईरान दोनों ही देशों का अच्छा दोस्त है। दोनों देशों के साथ भारत के मैत्री संबंध है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही पर पूर्ण रूप से पाबंदी है, तो वहीं दूसरी तरफ भारत के जहाजों को ग्रीन सिग्नल दिया जा रहा है। जिससे कच्चे तेल और एलपीजी गैस टेंकरों की आवाजाही पूरी तरह से जारी है। अब कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है कि क्या भारत युद्ध रोकने में मुख्य भूमिक निभा सकता है।
हालांकि सीधे तौर पर भारत ने मध्यस्थता को लेकर कभी भी हामी नहीं भरी है। इसके अलावा पाकिस्तान में हुई वार्ता पूरी तरह से फेल हो गई है। एक बार फिर ट्रंप ने पीएम मोदी को फोन किया है। जिसके बाद अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या भारत आने वाले समय में मुख्य भूमिका निभा सकता है या फिर स्थिति चिंताजनक बन जाएगी।






