Donald Trump: पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में उपजी संघर्ष की हालात पर दुनिया की नजरें टिकीं हैं। पाकिस्तान की स्थिति जगजाहिर है कि कैसे मुल्क कंगाली और भूखमरी की मार से जूझ रहा है। ऐसे मुल्क को अमेरिका कई मौकों पर कठपुतली के तौर पर इस्तेमाल कर चुका है। अभी हाल ही में पीस बोर्ड बैठक में भी डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम शहबाज शरीफ को अपनी इशारों पर नचाया था।
इससे पूर्व भी इस्लामाबाद से वाशिंगटन तक आसिम मुनीर व पाकिस्तानी हुकूमत डोनाल्ड ट्रंप के इशारे पर नाच चुकी है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बयान जारी कर पीएम शहबाज और सीडीएफ मुनीर को सराहा है। डोनाल्ड ट्रंप का ये मंतव्य क्या भारत के बढ़ते दबदबा की देन है? पीएम शहबाज और मुनीर की तारीफ के बाद डोनाल्ड ट्रंप के रुख सवालों में हैं। आइए इन सवालों का जवाब देने की कोशिश करते हैं।
प्रेसिडेंट Donald Trump द्वारा मुनीर और PM शहबाज की तारीफ के कई मायने
अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा औचक ही पीएम शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर की तारीफ सुर्खियों में है। ये जगजाहिर है कि अमेरिका के एक-एक शब्दों का विशेष अर्थ होता है। डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसे समय में आसिम मुनीर और शहबाज शरीफ की तारीफ की है, जब आफगानी हुकूमत पाकिस्तान को नाकों चने चबाने की तैयारी में जुटी है।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मेरे पाकिस्तान से अच्छे रिश्ते हैं। इस समय पाकिस्तान अच्छा कर रहा है। ये बात उन्होंने पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच जारी संघर्ष के दौर में कही है। ट्रंप ने इस दौरान पीएम शहबाज और मुनीर का नाम भी लिया। इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं। दरअसल, पाकिस्तान शुरू से अमेरिका की कठपुतली के रूप में काम करता रहा है।
ख्वाजा आसिफ और इशाक डार समेत कई हुक्मरान सार्वजनिक रूप से इस सच को स्वीकार भी चुके हैं। यही वजह है कि अमेरिका कभी-कभी पड़ोसी मुल्क को फूलने का मौका देता है। दूसरी ओर भारत वैश्विक मंच पर अपनी अलग छाप छोड़ने में सफल हुआ है। रूस से लेकर इजरायल, ब्रिटेन, जापान, सिंगापुर, चीन, मिडिल ईस्ट समेत तमाम देशों से भारत का अपना जुड़ाव है।
जुड़ाव तो अमेरिका से भी है लेकिन भारत यहां अपने हितों से कभी समझौता नहीं करता। यही वजह है कि डोनाल्ड ट्रंप को कभी-कभी भारत का दबदबा चुभ जाता है। पीएम शहबाज और मुनीर की तारीफ भी उसी भड़ास का हिस्सा मानी जा रही है। हालांकि, इससे भारत की साख पर कोई असर नहीं पड़ने वाला और वैश्विक मंच पर हमारा दबदबा बरकरार रहेगा।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान संघर्ष में किसका पलड़ा भारी?
दुनिया में हुए विभिन्न युद्धों में हस्तक्षेप का दावा करने वाले डोनाल्ड ट्रंप ने खुद को पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच छिड़े संघर्ष से दूर किया है। उन्होंने बताया है कि दोनों मुल्कों में छिड़े युद्ध के बीच पाकिस्तान का पलड़ा अभी भारी है।
डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक पाकिस्तान अभी अफगानिस्तान से अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने खुद को पाकिस्तान का करीबी बताते हुए युद्ध में हस्तक्षेप से दूरी बना ली है। इसे अवसर के तौर पर देखा जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप की इस कृत्य को लेकर खूब खबरें भी बन रही हैं।
