India EU Trade Deal: यूरोपीय देशों पर पैनी नजर टिकाए बैठे अमेरिका को भारत बड़ा झटका देने की तैयारी में है। कदम-कदम पर यूरोपीय देशों के लिए बाधा उतपन्न कर रहे अमेरिका के बदले भारत उन्हें राहत देने की पहल कर सकता है। जानकारी के मुताबिक भारत-यूरोपीयन यूनियन डील के तहत यूरोप से आने वाली कारों पर लगने वाला टैक्स 40 फीसदी तक घटा सकता है। यदि ऐसा हुआ तो भारत में यूरोप से आने वालीं मर्सिडीज और बीएमडब्ल्यू जैसी कारें पहले के मुकाबले सस्ती हो जाएंगी। ऐसा होने पर भारतीय ऑटो मार्केट पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलेगी।
अमेरिका को झटका देने की तैयारी? – India EU Trade Deal
भारत-यूरोपीयन यूनियन डील के तहत अमेरिका को झटका देने की तैयारी हो रही है। जो अमेरिका ग्रीनलैंड का समर्थन करने पर यूरोपीय संघ देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी दे रहा है, भारत उन्हें रियायत दे सकता है।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत यूरोप से आने वाली कारों पर टैक्स की दर 40 फीसदी तक कम कर सकता है। इससे फॉक्सवैगन, मर्सिडीज-बेंज और बीएमडब्ल्यू जैसी यूरोपीय कारें भारत में पहले के मुकाबले ज्यादा सस्ती हो जाएंगी। इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच वार्ता का दौर जारी है जिसे 27 जनवरी को अंतिम रूप दिया जा सकता है। ऐसा हुआ तो कारों पर लगने वाली 110 फीसदी टैक्स कम हो जाएगी।
यूरोपीय संघ-भारत के बीच डील का क्या होगा असर?
दुनिया की नजरें भारत और यूरोपीय संघ के बीच जारी बैठकों के दौर पर टिकी हैं। यदि भारत यूरोप से आने वाली कारों पर टैक्स कम करता है, तो भारतीय ऑटो बाजार की रौनक बढ़ जाएगी। इस एक पहल से यूरोप से आने वालीं लग्जरी कारें भारत में सस्ती हो जाएंगी। इससे खरीदारी बढ़ने के आसार हैं जो ऑटो मार्केट की रौनक बढ़ा सकता है। साथ ही ये पहल देश की अर्थव्यवस्था को भी रफ्तार दे सकती है। ज्यादा वाहनों की खरीदारी होने पर सरकार को राजस्व ज्यादा मिलेगा। गौरतलब है कि भारत अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार बाजार है। ऐसे में यूरोप से आने वाली कारों पर टैक्स कम कर भारत अपनी क्षमता बढ़ा सकता है जिसका असर ऑटो मार्केट पर देखने को मिलेगा।





