India Slams Pakistan at UN: ‘दुनिया को गुमराह करने की’ भारत ने फिर पाकिस्तान को दिखाया आईना, जानें सबकुछ

India Slams Pakistan at UN: संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान के आरोपों का करारा जवाब देते हुए दुनिया को गुमराह करने वाला देश बताया।

India Slams Pakistan at UN

फाइल फोटो

India Slams Pakistan at UN: भारत ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को एक बार फिर आईना दिखा दिया और दुनिया के सामने उसकी सच्चाई बता दी। भारत ने साफ तौर पर कहा कि पाकिस्तान अपनी ज़मीन पर सक्रिय चरमपंथी संगठनों को “फ़ितना-अल-हिंदुस्तान” बताकर सरकारी स्तर पर गलत जानकारी फैला रहा है।

इसके साथ ही पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान पर किए गए हमले पर भी भारत ने नाराजगी जाहिर की और बताया कि कैसे वह अफगान की मदद कर रहे है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पर्वथनेनी हरीश ने कहा कि इस्लामाबाद सिर्फ़ नई दिल्ली पर दोष मढ़ने की कोशिश कर रहा था।

भारत ने पाकिस्तान को यूएन में लताड़ा

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत पर्वतनैनी हरीश ने कहा कि “भारत UNAMA और उसके काम के महत्व पर ज़ोर देना चाहता है और इन मुश्किल हालात में UNAMA को अपना पूरा समर्थन देना चाहता है, क्योंकि वह अफ़गानिस्तान में शांति और स्थिरता लाने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान ने आज अपने बयान में UNAMA के इरादों और UNSG की रिपोर्ट की सच्चाई पर सवाल उठाए।

हम इस बात पर ज़ोर देना चाहते हैं कि मल्टीलेटरलिज़्म (बहुपक्षवाद) और संयुक्त राष्ट्र का समर्थन कोई ऐसी चीज़ नहीं है जिसे अपनी मर्ज़ी से चुना या छोड़ा जा सके। अफ़गानिस्तान के ख़िलाफ़ पाकिस्तान के मिलिट्री एयरस्ट्राइक अभियान से आम नागरिकों की भारी जान-माल का नुकसान हो रहा है और अफ़गान लोगों को तकलीफ़ उठानी पड़ रही है।

हम एयरस्ट्राइक, सीमा पार से गोलीबारी और टारगेटेड किलिंग (चुनिंदा लोगों की हत्या) से आम नागरिकों को होने वाले नुकसान पर सेक्रेटरी जनरल की गहरी चिंता को दोहराते हैं, जैसा कि UNAMA की रिपोर्ट में बताया गया है”।

पाकिस्तान के आरोपों पर भारत का करारा जवाब

पर्वतनैनी हरीश ने आगे कहा कि “पाकिस्तान का अपनी सरकारी एजेंसियों को यह निर्देश देना कि वे देश के भीतर मौजूद समूहों को ‘फ़ित्ना-अल-हिंदुस्तान’ कहें, असल में धार्मिक शब्दावली की आड़ में फैलाया जा रहा सरकारी प्रायोजित गलत और भ्रामक प्रचार है।  उन्होंने कहा कि यह नैरेटिव भारत के प्रति दुश्मनी बनाए रखने की पाकिस्तानी तंत्र की एक सोची-समझी रणनीति है।

इस तंत्र को “नफ़रत की संगठित फ़ैक्टरी” बताते हुए, उन्होंने कहा कि इस अभियान का मकसद बाहरी दुश्मनों पर ध्यान केंद्रित करके पाकिस्तानी जनता का ध्यान देश के गंभीर घरेलू राजनीतिक और आर्थिक संकटों से हटाना है। इस्लामाबाद ने पहले भी कई सक्रिय उग्रवादी समूहों को इस खास नाम से चिह्नित किया था और आरोप लगाया था कि वे भारत के इशारे पर काम कर रहे हैं, हालांकि वह इन दावों को साबित करने के लिए कोई सबूत पेश नहीं कर सका।

 

 

 

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