Iran-US Conflict: मिडिल ईस्ट में तनाव का दौर जारी है। अमेरिका लगातार ईरान पर नकेल कसते हुए हमले की चेतावनी जारी कर रहा है। ईरान भी इस फेहरिस्त में पीछे नहीं है और अमेरिका को जवाबी कार्रवाई की धमकी दे रहा है। इस बीच ईरान में मौलवी शासन के खिलाफ शुरू हुए प्रदर्शन के दौरान बड़े नरसंहार से जुड़ी एक रिपोर्ट सामने आई है।
राजधानी मतेहरान में 8-9 जनवरी की रात कथित रूप से हुए इस नरसंहार में 36500 से अधिक ईरानी प्रदर्शनकारियों की मौत होने का दावा है। ये सभी ईरानी सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को सत्ता से उखाड़ फेंकने के लिए सड़कों पर उतरे थे। खामेनेई सेना ने कथित रूप से प्रदर्शन को दबाने के लिए सड़क पर उतरे लोगों को मौत के घाट उतारकर इस नरसंहार जो अंजाम दिया है।
कैसे 8-9 जनवरी की रात 36500 ईरानियों के लिए काल बनी खामेनेई सेना?
ईरान से आई एक मीडिया रिपोर्ट दुनिया को सोचने पर मजबूर कर रही है। विपक्षी मीडिया ईरान इंटरनेशनल के मुताबिक 8 और 9 जनवरी की रात तेहरान से लेकर विभिन्न हिस्सों में मौलवी शासन के खिलाफ सड़कों पर उतरे 36500 से अधिक ईरानी प्रदर्शनकारियों की हत्या की गई थी। इस कथित दो दिवसीय नरसंहार को खामेनेई सेना ने अंजाम दिया था। ईरान इंटरनेशनल ने ये दावा क्लासिफाइड दस्तावेजों, फील्ड रिपोर्ट्स, मेडिकल स्टाफ, चश्मदीदों और पीड़ित परिवारों के बयानों के आधार पर तैयार किया है।
इतनी भारी संख्या में लोगों की हत्या के लिए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स और उससे जुड़ी बसीज मिलिशिया का इस्तेमाल किया गया था। वहीं इराक और सीरिया से प्रॉक्सी लड़ाके भी लाए गए थे जिन्होंने कथित रूप से प्रदर्शनकारियों को मौत के घाट उतारा था। इस कथित नरसंहार की चर्चा अब जोरों पर है और पोल खुलने के बाद खामेनेई सेना की आलोचना हो रही है।
ईरान और अमेरिका में जारी धमकियों का दौर!
अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में नए सिरे से हलचल मचा दी है। वेनेजुएला के बाद ग्रीनलैंड में उथल-पुथल का कारण बने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी हुकूमत को लगातार चेताया है। प्रेसिडेंट ट्रंप ने तो यहां तक कह दिया कि अमेरिकी नौसेना का एक बेड़ा ईरान की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इससे इतर वे सैन्य विकल्पों पर विचार करने की बात भी दोहरा चुके हैं। ये सब कुछ उन धमकियों के अधीन आता है, जो अमेरिका ईरान के लिए जारी कर रहा है।
अली खामेनेई के नेतृत्व वाला ईरान भी इस दिशा में पीछे नहीं है और लगातार अमेरिका पर हमले की स्थिति में जवाबी कार्रवाई की बात कर रहा है। ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई खुद संदेश जारी कर दुश्मनों को घुटने टेकने पर मजबूर करने की बात कह चुके हैं। ये दर्शाता है कि तेहरान में मौलवी शासन के खिलाफ शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन किस कदर दो देशों को आमने-सामने कर चुका है। अब देखना दिलचस्प होगा कि ईरान-अमेरिका में जारी तनाव का परिणाम क्या होता है।





