Marco Rubio: अमेरिका के विदेश मंत्री आज से 4 दिवसीय भारत के दौरे पर है। बता दें कि वह पश्चिम बंगाल पहुंच चुके है। सबसे खास बात है कि विदेश मंत्री बनने के बाद Marco Rubio का यह पहल भारत दौरा है। गौरतलब है कि मीडिल ईस्ट में जारी टेंशन के बीच रूबियो का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है। वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री के आते ही पाकिस्तान और चीन में हड़कंप मच गया है। इससे पहले अमेरिका की तरफ से साफ कहा गया था कि भारत जितना चाहे उतना कच्चा तेल अमेरिका से खरीद सकता है। सबसे खास बात है कि यह 4 दिवसीय दौरा दोनों देशों के लिए काफी अहम होने जा रहा है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
भारत पहुंचे विदेश मंत्री Marco Rubio
बताते चले कि अमेरिका के विदेश मंत्री अपने दलबल के साथ भारत पहुंच चुके है। सबसे पहले वह कोलकाता पहुंचे। मालूम हो कि इससे पहले साल 2012 में भी अमेरिका के तत्कालीन विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन कोलकाता पहुंची थी। भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय संबंधों के संदर्भ में कोलकाता एक महत्वपूर्ण शहर रहा है।
जानकारी के मुताबिक अमेरिका के शीर्ष राजनयिक विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ व्यापक वार्ता करने के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे और नई दिल्ली में क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी भाग लेंगे। कई मायनों में यह दौरा काफी खास माना जा रहा है।
क्या होगा विदेश मंत्री का शेड्यूल?
जानकारी के मुताबिक Marco Rubio अमेरिका से कोलकाता पहुंचे, जहां उन्होंने मदर टेरेसा द्वारा स्थापित मिशनरीज ऑफ चैरिटी के मुख्यालय मदर हाउस और संगठन द्वारा संचालित एक बाल गृह का दौरा किया। इसके बाद वह दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे और वहां पर भारत के प्रधानमंत्री पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वहीं जयपुर और आगरा भी जाएंगे। साथ ही क्वाड सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा वह भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाकात करेंग।
Marco Rubio के भारत पहुंचते ही क्यों बढ़ी पाक-चीन की टेंशन
बता दें कि Marco Rubio भारत पहुंच चुके है और वह 4 दिन भारत में ही रहेंगे। इस दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चाएं हो सकती है। मीडिल ईस्ट में जारी तनाव के बाद भारत में एनर्जी संकट को लेकर स्थिति चिंताजनक हो गई है। माना रहा है कि इस मुद्दे पर भी चर्चा हो सकती है। इसके अलावा भी भारत और अमेरिका के बीच कई तरह की डील संभव है। अमेरिकी विदेश मंत्री के पहुंचते ही पाकिस्तान और चीन में हलचल तेज हो गई है।
