Nepal Election Results 2026: गंडकी से मधेश, काठमांडू समेत नेपाल के विभिन्न हिस्सों में मतदान के बाद मतगणना का दौर जारी है। अब तक सामने आई तस्वीरों के मुताबिक 35 वर्षीय बालेन शाह सभी नेताओं पर भारी पड़ते नजर आ रहे हैं। पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली और गगन थापा जैसे नेताओं के दावे हवा-हवाई नजर आ रहे हैं।
जेन-जी विरोध प्रदर्शन के बाद नेपाल में हुए आम चुनावों में बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी 95 सीटों पर आगे चल रही है। कुल 126 सीटों के रुझान सामने आ चुके हैं। ये दर्शाता है कि कैसे बालेन शाह की पार्टी के आगे विपक्षी धराशायी हो चुके हैं। अब सबकी नजरें अंतिम नतीजों के ऐलान पर टिकीं हैं जिसके बाद ये स्पष्ट होगा कि कौन नेपाल की सत्ता हासिल कर इतिहास रचेगा।
नेपाल में Balen Shah के आगे विपक्षी धराशायी!
मतदान के बाद मतगणना का दौर जारी है। शुरुआती रुझान के मुताबिक बालेन शाह को तगड़ी बढ़त हासिल हो चुकी है। कुल 126 सीटों के रुझान सामने आए हैं जिनमें 95 पर बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी आगे चल रही है। इसमें 1 सीट पर आरएसपी को जीत मिल चुकी है। ये रुझान दर्शाते हैं कि कैसे बालेन शाह ने अपनी लोकप्रियता के बल पर विपक्षी दलों को धराशायी कर दिया है।
यदि आरएसपी को मिल रही बढ़त, नतीजों में परिवर्तित होती है तो बालेन शाह का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय होगा। ऐसी स्थिति में नेपाल में नया इतिहास रचा जाएगा जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में हो सकेगी। कैसे काठमांडू के मेयर रहे 35 वर्षीय बालेन शाह ने जेन-जी विरोध प्रदर्शन के बाद नेपाल की सियासत में सुनामी लाई है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण नेपाल चुनाव परिणाम 2026 साबित हो सकता है।
हवा-हवाई नजर आ रहे केपी ओली और गगन थापा के दावे!
चुनावी दौर के बीच सीपीएन-यूएमएल के प्रमुख केपी शर्मा ओली और नेपाली कांग्रेस के नेता गगन थापा ने बड़े-बड़े दावे किए थे। हालांकि, रुझान दोनों नेताओं के दावे को हवा-हवाई करते नजर आ रहे हैं। खबर लिखे जाने तक CPI-UML 9, तो वहीं नेपाली कांग्रेस महज 8 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं। केपी ओली खुद झापा-5 सीट से बालेन शाह से पीछे चल रहे हैं।
वहीं सरलाही-4 से गगन थापा भी बालेन शाह की पार्टी के उम्मीदवार अमरेश कुमार से पीछे हैं। हम अभी रुझानों की बात ही कर रहे हैं। लेकिन रुझान में ही आरएसपी को इतनी बढ़त मिल गई है, कि बालेन शाह के पीएम बनने के कयास लगने लगे हैं। हालांकि, अंतत: क्या होगा ये अंतिम चुनाव नतीजों के ऐलान होने पर ही स्पष्ट हो सकेगा। यदि बालेन शाह पीएम की कुर्सी तक पहुंचने में कामयाब रहते हैं, तो नेपाल की सियासत में इतिहास दर्ज हो सकेगा।





