Nikhil Gupta: खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू मामले में एक ऐसा मोड़ आया जिसने सबको चौंका दिया। बता दें कि गुरपतवंत सिंह पन्नू मूलरूप से पंजाब के खानकोट का रहने वाला है। वो फिलहाल अमेरिका में रहता है और सिख फॉर जस्टिस नाम का संगठन चलाता है। उसके पास अमेरिका और कनाडा दोनों देशों की नागरिकता है। भारत सरकार ने 2019 में आतंकी गतिविधियां चलाने के आरोप में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम यानी UAPA के तहत पन्नू के संगठन SFJ पर बैन लगाया। वहीं एक बार फिर निखिल गुप्ता का नाम चर्चाओं में है। दरअसल एएनआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक निखिल गुप्ता ने अमेरिका के न्यूयॉर्क कोर्ट में अपनी गुनाह कबूल कर लिया है। चलिए आपको बता पन्नू की हत्या साजिश मामले में क्या है नया अपडेट।
गुरपतवंत सिंह पन्नू हत्या की साजिश मामले में आया नया एंग्ल
न्यूयॉर्क में सिख आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की असफल साजिश रचने के आरोपी भारतीय व्यक्ति निखिल गुप्ता ने शुक्रवार (स्थानीय समय) को अपना अपराध स्वीकार कर लिया और उसे 24 साल तक की जेल की सजा सुनाई गई। FBI New York ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि
Following an investigation by FBI New York, @DEANEWYORKDiv, and @SDNYnews, Nikhil Gupta pled guilty to plotting to assassinate a U.S. citizen in New York City.
Read more about the FBI’s continued commitment to defend the homeland from foreign nationals targeting our citizens… pic.twitter.com/cElDtolY5y
— FBI New York (@NewYorkFBI) February 13, 2026
“भारतीय सरकार के एक कर्मचारी के निर्देश और समन्वय से, निखिल गुप्ता ने अमेरिकी धरती पर एक अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश रची, जिससे विदेशी शत्रु को भारतीय सरकार के मुखर आलोचक को चुप कराने के गैरकानूनी प्रयास में मदद मिली। एफबीआई संवैधानिक रूप से संरक्षित अधिकारों का प्रयोग करने वाले हमारे नागरिकों को निशाना बनाने वाले किसी भी विदेशी शत्रु के खिलाफ देश की आक्रामक रूप से रक्षा करना जारी रखेगी”।
कौन है Nikhil Gupta?
बता दें कि निखिल गुप्ता को जून 2023 में चेक रिपब्लिक मे गिरफ्तार किया गया था। पहले लगाए गए आरोपों के अनुसार, आरोपी निखिल गुप्ता भारतीय सरकार के एक कर्मचारी का सहयोगी है और उन्होंने और अन्य लोगों ने मिलकर न्यूयॉर्क शहर में पन्नू की हत्या की साजिश रचने में मदद की थी। हालांकि इससे पहले, 17 अक्टूबर, 2024 को विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की थी कि खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ नाकाम हत्या की साजिश के मामले में अमेरिकी न्याय विभाग के अभियोग में नामित व्यक्ति अब भारत सरकार का कर्मचारी नहीं है। मालूम हो कि पन्नू की हत्या की साजिश में अमेरिका लगातार भारत पर आरोप लगाता आया है, लेकिन भारत ने आरोपों को सीरे से खारिज कर दिया था।
