PM Modi Europe Visit: दुनिया के तमाम देश ऊर्जा संकट से जूझ रहे हैं। कहीं ईंधन की आपूर्ति बाधित है, तो कहीं एलपीजी, सीएनजी व अन्य स्रोतों की पहुंच रुक गई है। इसका प्रमुख कारण इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ा संघर्ष है। पश्चिम एशिया में पसरे तनाव के बीच पीएम मोदी यूरोप विजिट बेहद अहम है। जहां दुनिया ऊर्जा संकट से जूझ रही है, वहीं पीएम मोदी यूएई के बाद नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा कर रहे हैं। पीएम मोदी का यूरोप दौरा ऊर्जा सुरक्षा के साथ व्यापार-निवेश के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। दुनिया की नजरें भी कुटनीति पर टिकीं हैं।
व्यापार-निवेश के लिहाज से कैसे अहम है PM Modi Europe Visit?
पीएम मोदी का यूरोप दौरा व्यापार और निवेश के लिहाज से भी बेहद अहम है। दरअसल, हाल ही में भारत और यूरोपिय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता यानी एफटीए हुआ है। यही वजह है कि पीएम मोदी का यूरोप दौरा अब भारत के निर्यात और विदेशी निवेश को बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है। यदि इन दोनों पहलुओं पर बात बन जाती है, तो देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और लोगों के समक्ष संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। भारत पश्चिम एशिया में तनाव के बीच देश में कच्चे तेल, एलएनजी और क्लीन एनर्जी की आपूर्ति सुनिश्चित करने का भी लक्ष्य रखता है।
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच कुटनीति पर नजरें!
दुनिया के तमाम देश जहां पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का दंश झेल रहे हैं। वहीं भारत एक बड़ी आबादी के साथ चुनौतियों से पार पाने में जुटा है। पीएम मोदी ने यूरोप विजिट से पहले ही देशवासियों से ईंधन की बचत करने की अपील की थी। इससे इतर भारत की संभावनाओं को बेहतर करने व तमाम क्षेत्र में अहम एजेंडे को लेकर पीएम मोदी यूरोप के दौरे पर हैं। इसे भारतीय कुटनीति के लिहाज से भी देखा जा रहा है। दुनिया भारत की सधी कुटनीति को देख रही है। जहां विश्व के तमाम देश ऊर्जा संकट व अन्य चुनौतियों से जूझ रहे है। वहीं भारत लगातार समाधान की तलाश में है।
