Trump’s Peace Board: दुनिया भर में एक बार पाकिस्तान की किरकिरी हुई है। दरअसल, पीएम शहबाज शरीफ भी ट्रंप पीस बोर्ड का हिस्सा बने हैं जिसको लेकर वे अपनी ही मुल्क में बेइज्जत हुए हैं। इमरान खान की पार्टी से जुड़े तमाम नेता व पाकिस्तानी आवाम अपने प्रधानमंत्री की भर-भरकर आलोचना कर रही है। पीएम शहबाज के फैसले को बिना सोचे-समझे और नैतिक रूप से संदिग्ध बताया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तानी पीएम डोनाल्ड ट्रंप से मिलने के लिए भी व्याकुल नजर आए। इससे जुड़ा दृश्य भी पाकिस्तानी हुकूमत के लिए सिरदर्द बन गया है और मुल्क की जमकर आलोचना हो रही है। पाकिस्तान के पूर्व कानून मंत्री बाबर अवान ने भी शरीफ की गलती को “चापलूसी करने” की आदत बताते हुए आलोचना की है।
चर्चित Trump’s Peace Board में शामिल होकर अपने ही मुल्क में बेइज्जत हुए PM शहबाज!
दुनिया में चर्चा का विषय बन चुकी ट्रंप पीस बोर्ड में शामिल होकर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने अपनी ही किरकिरी करा ली है। इस समझौते के तहत पाकिस्तान को अब गाजा में अपनी सेना भेजनी होगी और हमास को निरस्त्र करने के लिए लड़ना होगा। गौरतलब है कि पाकिस्तान गाजा में हमलों के लिए अक्सर इजरायल की आलोचना करता रहा है। हालांक,पीएम शहबाज शरीफ अमेरिका की नजरों में अच्छा बने रहने के लिए डोनाल्ड ट्रंप के इर्द-गिर्द नाच रहे हैं। ट्रंप पीस बोर्ड में पाकिस्तान के शामिल होते ही पीएम शहबाज शरीफ अपने ही मुल्क में घिर गए हैं और आवाम का कहना है कि शरीफ देश को अमेरिका के हाथों बेच रहे हैं। ये ऐसा प्रकरण है जो कंगाली के मुहाने पर खड़े पाकिस्तान की मुश्किलों में इजाफा कर रहा है।
ट्रंप से मिलने को व्याकुल दिख पीएम शहबाज ने कराई पाकिस्तान की किरकिरी
बीते कल स्विट्जरलैंड की राजधानी दावोस में हुए समझौते पर पाकिस्तान ने हस्ताक्षर कर मुल्क की किरकिरी कराई है। ट्रंप पीस बोर्ड का हिस्सा बनकर पाकिस्तान ने सुनिश्चित किया है कि वो गाजा में शांति सुनिश्चित करने की दिशा में काम करेगा। इस कार्यक्रम में डोनाल्ड ट्रंप के साथ विश्व के कई नेताओं ने शिरकत की जहां पीएम शहबाज शरीफ उनसे मिलने को व्याकुल नजर आए। शरीफ की इस करतूत ने पाकिस्तान की किरकिरी दुनिया भर में कराई है। पीटीआई नेताओं से लेकर पाकिस्तान की आम आवाम तक अपने प्रधानमंत्री को कटघरे में खड़ा कर रही है। पूर्व पाकिस्तानी कानून मंत्री ने तो पीएम शहबाज के इस कदम को चापलूसी करार दिया है। इससे इतर भी तमाम अन्य लोग हैं जो पाकिस्तान के ट्रंप पीस बोर्ड का हिस्सा बनने की आलोचना कर रहे हैं।




