US-Iran Deal पर सहमति जल्द, डोनाल्ड ट्रंप की नई चाल या दवाब में आए अमेरिकी राष्ट्रपति, ईरान के नए दावे से मचा तहलका, जानें सबकुछ

US-Iran Deal: मीडिल ईस्ट में जारी टेंशन के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डील को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया है।

US-Iran Deal

फाइल फोटो

US-Iran Deal: मीडिल ईस्ट में जारी टेंशन के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डील को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच अब दोनों देशों के बीच संभावित समझौते की खबरों ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। माना जा रहा है कि जी-7 सम्मेलन में ईरान और अमेरिका के बीच डील हो सकती है।

हालांकि यह कहना अभी थोड़ा मुश्किल है, क्योंकि ट्रंप लगातार अपनी बातों से मुकर जाते है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐसे समझौते पर बातचीत चल रही है जो दोनों देशों के बीच पिछले कई महीनों से जारी टकराव को समाप्त कर सकता है। अगर ऐसा होता है तो दुनिया के कई देशों को राहत मिल सकती है।

US-Iran Deal पर क्या अमेरिका और ईरान होंगे सहमत

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप इस समझौते को अपनी बड़ी कूटनीतिक जीत के रूप में पेश करना चाहते हैं। पिछले कुछ महीनों में ट्रंप कई बार दावा कर चुके हैं कि अमेरिका और ईरान समझौते के करीब हैं। ऐसे में आलोचकों का कहना है कि यह घरेलू राजनीति और अंतरराष्ट्रीय छवि दोनों को मजबूत करने की रणनीति भी हो सकती है।

दूसरी ओर कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता, युद्ध की बढ़ती लागत और अंतरराष्ट्रीय दबाव ने अमेरिका को बातचीत का रास्ता अपनाने के लिए प्रेरित किया है।

ईरान के नए दावे से मची सनसनी

ईरान की ओर से दावा किया गया है कि बातचीत में उसकी कई प्रमुख मांगों पर चर्चा हुई है, जिनमें आर्थिक प्रतिबंधों में राहत और जमे हुए वित्तीय संसाधनों तक पहुंच शामिल है। वहीं अमेरिका का कहना है कि ईरान को कोई बड़ी रियायत नहीं दी गई है और सभी आर्थिक लाभ उसके बात को पूरा करने के बाद ही मिलेंगे। ईरान लगातार यह दावा कर रहा है कि वह डील के बाद भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से अपना शुल्क बसूलेगा।

जिसके बाद कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई है।  यही वजह है कि समझौते की वास्तविक शर्तों को लेकर दुनिया भर में उत्सुकता बनी हुई है। दोनों देशों के अलग-अलग दावों ने पूरे मामले को और रहस्यमय बना दिया है। वहीं अगर यह डील हो जाती है तो भारत समेत दुनिया के कई देशों को फायदा हो सकता है।

 

 

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