US-Israel-Iran-War: ईरान लगातार अपने हमले का बदला ले रहा है, वहीं मीडिला ईस्ट के कई देश जैसे यूएई, कतर, कुवैत पर लगातार हमला कर रहा है। बीते दिन ईरान ने तेहरान के एलएनजी गैस प्लांट पर हमला कर दिया था। इससे तेहरान की सरकार को जबरदस्त नुकसान होने की उम्मीद है। इसी बीच वहां के उर्जा राज्य मंत्री अल-काबी मरम्मत कार्यों के कारण तीन से पांच वर्षों तक प्रति वर्ष 12.8 मिलियन टन एलएनजी का उत्पादन बाधित होगा, जिससे चीन और भारत सहित यूरोपीय और एशियाई देशों को आपूर्ति खतरे में पड़ जाएगी। जानकारी के मुताबिक भारत कतर से करीब 40 प्रतिशत एलएनजी गैस मंगवाता है। जिससे भारत पर भी इसका संकट गहराने लगा है। इसक अलावा कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। आईए आपको बताते है ईरान-इजरयल युद्ध में लेटेस्ट अपडेट।
कतर के बाद ईरान का कुवैत पर ड्रोन अटैक से हड़कंप – US-Israel-Iran-War
अमेरिका-इजरायाल-ईरान युद्ध के शुरू हुए 20 दिनों से ज्यादा हो चुके है। माना जा रहा था कि अमेरिका और इजरायल ये युद्ध मिलकर जल्द खत्म कर देंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ, ईरान भी लगातार हमला कर रहा है। ईरान अब अपने पड़ोसी, खाड़ी के देशों को निशाना बना रहा है, सबसे खास बात है कि वह उनके ऊर्जा संयंत्रों पर हमला कर रहा है, जिससे उस देश को भारी नुकसान हो रहा है, साथ ही कई अन्य देशों की मुश्किलें बढ़ गई है, क्योंकि कई देश खाड़ी के देशों से ही एलपीजी और अन्य प्रकृतिक गैस मंगवाते है।
वहीं अब खबर सामने आ रही है कि ईरान ने सऊदी अरब, कतर और कुवैत में प्रमुख ऊर्जा संयंत्रों पर हमले किए, जिससे भीषण आग लग गई और तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। युद्ध शुरू होने के बाद से ब्रेंट क्रूड की कीमत में 60% से अधिक की वृद्धि हुई है।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को ईरान की धमकी
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि, “मैं जीवित हूं और आप सभी गवाह हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प के नेतृत्व में, अमेरिका और इजराइल ईरान में अभूतपूर्व दृढ़ संकल्प और ताकत के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। ऑपरेशन राइजिंग लायन का उद्देश्य अयातुल्ला शासन द्वारा उत्पन्न अस्तित्वगत खतरों को समाप्त करना है।

यह वही शासन है जिसने 47 वर्षों से अमेरिका, इजराइल और ईरान की जनता के खिलाफ युद्ध छेड़ा है। यह शासन ‘अमेरिका मुर्दाबाद, इजराइल मुर्दाबाद’ के नारे लगाता है और अपने ही लोगों को मौत के घाट उतारता है।” वहीं अगर यह युद्ध ज्यादा दिन चलता है तो कई देशों की टेंशन बढ़ गई है।




