US-Israel-Iran War: मिडिल ईस्ट में छिड़े संघर्ष ने पाकिस्तान की रीढ़ तोड़ दी है। पहले ही आर्थिक मोर्चे पर बर्बाद हो चुका पाकिस्तान ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों के बाद और टूट चुका है। पड़ोसी मुल्क में महंगाई चरम पर है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा के बाद उच्च ऑक्टेन ईंधन की कीमतों में भी भारी इजाफा देखने को मिला था।
ये सब यूएस-इजरायल-ईरान वॉर का असर है जो पाकिस्तान को अंदरखाने तोड़ रहा है। वक्त की नजाकत को देखते हुए आसिम मुनीर एक बार फिर अमेरिका की शरण में पहुंचे हैं। खबरों की मानें तो मुनीर ने डोनाल्ड ट्रंप से यूएस-इजरायल-ईरान वॉर रोकने की वकालत की है। यदि ऐसी खबर सच है तो क्या पाकिस्तान मध्यस्थता में सफल होगा? आइए इस सवाल का जवाब ढूंढ़ने की कोशिश करते हैं।
घबराए मुनीर ने अमेरिकी राष्ट्रपति से लगाई गुहार!
मुनीर ने आनन-फानन में अमेरिकी राष्ट्रपति से युद्धविराम की गुहार लगाई है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के आसिम मुनीर और डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई वार्ता का जिक्र है। हालांकि, आधिकारिक रूप से इस संदर्भ में कोई जानकारी नहीं सामने आई है। व्हाईट हाउस ने भी इस वार्ता पर कुछ भी बोलने से इंकार किया है। रिपोर्ट की मानें तो पाकिस्तान युद्धविराम की अपील कर रहा है।
आसिम मुनीर ने खुद ट्रंप से गुहार लगाई है कि वे ईरान-इजरायल को मध्यस्थता के लिए राजी करने की भूमिका निभाएं। दरअसल, यूएस-इजरायल-ईरान वॉर के कारण पाकिस्तान की आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। बेतहाशा महंगाई ने पाकिस्तान को बुरी तरह प्रभावित किया है। यही वजह है कि पीएम शहबाज शरीफ या आसिम मुनीर अमेरिका की शरण लेते नजर आ रहे हैं।
क्या US-Israel-Iran War के बीच मध्यस्थता में सफल होगा पड़ोसी मुल्क?
इस सवाल का पुख्ता जवाब अभी भविष्य के गर्भ में है। अभी इस संदर्भ में भी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है कि पाकिस्तानी सीडीएफ ने प्रेसिडेंट ट्रंप से मध्यस्थता के लिए वार्ता की है। व्हाईट हाउस ने इस पर कुछ भी प्रतिक्रिया देने से साफ तौर पर मना कर दिया है। यदि आसिम मुनीर युद्ध विराम के लिए गुहार लगा भी रहे हैं, तो उनकी सफलता की उम्मीदें बेहम कम हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने सीजफायर का ऐलान किया था। हालांकि, इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ऐसा मानने से खारिज कर चुके हैं। उन्होंने ईरान पर लगातार हमला जारी रखा है। ऐसे में ये कहना कि पाकिस्तान की मध्यस्थता से यूएस-इजरायल-ईरान वॉर पर विराम लग सकता है, थोड़ी जल्दबाजी होगी। सभी को हालिया स्थिति पर नजर बनाए रखने की जरूरत है, ताकि सटीक जानकारी समय पर मिल सके।
