US-Israel-Iran War: पश्चिम एशिया में जंग के कारण उठ रही हिंसा की लपटें अब पाकिस्तान को भी अपनी आगोश में लेती नजर आ रही हैं। दरअसल, ईरान लगातार खाड़ी देशों पर हमला कर रहा है जिसमें सऊदी अरब का नाम भी अहम है। राजधानी रियाद पर हुए हमलों के बाद सऊदी अरब ने ईरान को ताजा चेतावनी दी है जो पाकिस्तान की मुश्किलें भी बढ़ा सकता है।
यदि सऊदी तेहरान पर हमला करेगा, तो पाकिस्तान को स्वत: यूएस-इजरायल-ईरान वॉर में शामिल होना पड़ेगा। ऐसी स्थिति में पाकिस्तान की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। यही वजह है कि पीएम शहबाज शरीफ के कदम पर लोगों की नजरें टिकीं हैं। आर्थिक रूप से बदहाल पाकिस्तान के लिए प्रधानमंत्री क्या करेंगे, ये देखना बेहद दिलचस्प होने वाला है।
तेहरान को सऊदी अरब की चेतावनी के बाद पाकिस्तान पर गहराया संकट!
ईरानी सेना लगातार अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाते हुए खाड़ी देशों पर बैलेस्टिक मिसाइलें दाग रही है। सऊदी की राजधानी रियाद भी इन हमलों ने अछूता नहीं है। इसी क्रम में सऊदी अरब ने आज ईरानी हुकूमत को चेतावनी दी है। सऊदी का साफ संदेश है कि यदि रियाद पर हमले जारी रहे, तो मुल्क सैन्य कार्रवाई करने का अधिकार रखता है। ऐसे में सऊदी द्वारा हमला किया गया, तो पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़नी तय हैं।
दरअसल, सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच एक डिफेंस पैक्ट पर हस्ताक्षर हुए हैं। इसके तहत दोनों मुल्क में किसी पर हमला, दोनों पर किया गया हमला माना जाएगा। फिर पलटवार की स्थिति में पाकिस्तान और सऊदी मिलकर हमला करेंगे। ये समझौता यूएस-इजरायल-ईरान वॉर के बीच पाकिस्तान के लिए सिरदर्द साबित हो रहा है। यदि सऊदी तेहरान पर हमला बोलता है, तो पाकिस्तान भी इस युद्ध में शामिल हो जाएगा।
बदहाल अर्थव्यवस्था के बीच क्या करेंगे पीएम शहबाज?
पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान आर्थिक तौर पर बुरी तरह बिखर चुका है। पाकिस्तान में फ्यूल क्राइसिस की खबरें दुनिया देख चुकी है। यूएस-इजरायल-ईरान वॉर के बीच ही इस्लामाबाद से मुजफ्फराबाद, लाहौर, कराची तक अफगानी हमले देखने को मिले हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि दर्ज की गई है। ये सब कुछ बदहाल पाकिस्तान की तस्वीर को प्रदर्शित करता है।
बदहाली के बीच काबुल के रिहायशी इलाकों पर बमबारी कर पड़ोसी मुल्क वैश्विक मंच पर बेइज्जत हो चुका है। इतनी परेशानियों का सामना कर रहे मुल्क पर अब सऊदी का दबाव बढ़ेगा। यदि सऊदी तेहरान पर जवाबी कार्रवाई करता है, तो पाकिस्तान को यूएस-इजरायल-ईरान वॉर में एंट्री लेनी ही होगी। ऐसी स्थिति में देखना दिलचस्प होगा कि कंगाली की मार झेल रहे मुल्क के पीएम शहबाज शरीफ क्या कदम उठाते हैं।






