Mohan Yadav: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार नारी सशक्तीकरण के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। बीजेपी यानी भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने प्रदेश की महिलाओं को आत्मनिर्भरता की ओर लेकर जाने के लिए कई साहसिक कदम उठाए हैं। इसी कड़ी में एमपी की ‘लाड़ली लक्ष्मी योजना’ बेटियों के भविष्य की नींव को मजबूत कर रही है। राज्य की बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रदेश सरकार संकल्पित है। ऐसे में उनके फ्यूचर को बेहतर करने के लिए एमपी सरकार उनकी शिक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए ‘लाड़ली लक्ष्मी योजना’ को आगे बढ़ा रही है।
मोहन यादव सरकार बेटियों के भविष्य को बना रही उज्ज्वल
‘लाड़ली लक्ष्मी योजना’ के तहत मोहन यादव सरकार एमपी की छात्राओं को स्नातक या व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश पर 25000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दे रही है। उच्च शिक्षा के लिए पूरा शिक्षण शुल्क राज्य सरकार वहन करेगी। पाठ्यक्रम के प्रथम एवं अंतिम वर्ष में समान किश्तों में राशि का भुगतान। ‘लाड़ली लक्ष्मी योजना’ का लाभ लेने के लिए पात्रता तय की गई है। 1 जनवरी 2006 के बाद जन्मी बेटियां, जिनके माता-पिता मध्य प्रदेश के मूल निवासी व गैर-आयकरदाता होने चाहिए। साथ ही बच्ची का जन्म पंजीकरण और आंगनवाड़ी में रजिस्ट्रेशन जरूरी है।
लाड़ली लक्ष्मी योजना…
बेटियों की भविष्य की मजबूत हो नींव, शिक्षा व आत्मनिर्भरता से निखरे उनका जीवन। pic.twitter.com/XJIh5ylzOD
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) May 2, 2026
मालूम हो कि ‘लाड़ली लक्ष्मी योजना’ मध्य प्रदेश सरकार की एक प्रमुख योजना है, जो बेटियों के जन्म, शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए शुरू की गई है। यह योजना 2007 में शुरू की गई थी, इसका उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच बढ़ाना और उनकी पढ़ाई को बढ़ावा देना है। सरकार बेटी के नाम पर पैसा जमा करती है, जो अलग-अलग चरणों में मिलता है। कुल मिलाकर लगभग 1.43 लाख रुपये तक का लाभ मिलता है।
सीएम मोहन यादव ने खास पहल की शुरुआत की
वहीं, बीते दिन एमपी के चीफ मिनिस्टर मोहन यादव ने भोपाल में एक खास पहल की शुरुआत की। इस दौरान सीएम मोहन यादव ने कहा, ‘आज भोपाल में आयोजित कृषि कर्मयोगी उन्मुखीकरण प्रशिक्षण एवं कार्यशाला में मुख्यमंत्री किसान कल्याण डैशबोर्ड, पैक्स सदस्यता पंजीयन पोर्टल और सीएम-किसान हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 155253 का शुभारंभ किया।’
उन्होंने आगे कहा, ‘यह कार्यशाला 16 विभागों के समन्वय से ‘समृद्ध किसान–समृद्ध प्रदेश’ का संकल्प साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है, जिससे तकनीक और नवाचार के जरिए विभिन्न योजनाओं को अंतिम छोर के किसान तक पहुंचाने का संकल्प मजबूत होगा।’






