Amroha Viral Video: शादियों का सीजन शुरु हो चुका है। ऐसे में सोशल मीडिया पर दूल्हा-दुल्हन से लेकर उधम माचाते बारातियों के खूब वीडियो वायरल होते रहते हैं। इन्हें देखकर गुस्सा, हंसी या फिर कभी-कभी अफसोस भी होता है। बारातियों के द्वारा तोड़फोड़ करने की आए दिन घटनाएं सामने आती रहती हैं। एक ऐसा ही ताजा मामला उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से आया है। यहां पर बारातियों ने सिर्फ इसीलिए तोड़फोड़ की है क्योंकि उन्हें चिकन लेग पीस नहीं मिला। इस घटना का वीडियो अब इंटरनेट पर आग की तरह फैल रहा है।
चिकन लेग पीस के लिए बारातियों ने तोड़ी कुर्सियां
अमरोहा वायरल वीडियो को एक्स पर Sachin Gupta नाम के हैंडल से पोस्ट किया गया है। इसके साथ ही कैप्शन में जानकारी देते हुए लिखा है कि, ‘लेग पीस की लड़ाई में बारातियों ने ऐसा स्टेप लिया कि मंडप सीधे WWE रिंग बन गया !!अमरोहा, उत्तर प्रदेश।’
देखें वीडियो
लेग पीस की लड़ाई में बारातियों ने ऐसा स्टेप लिया कि मंडप सीधे WWE रिंग बन गया !!
📍अमरोहा, उत्तर प्रदेश pic.twitter.com/wwmExUycTM— Sachin Gupta (@Sachingupta) March 29, 2026
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि, किस तरह से बारातघर में खाने की टेबल पर सजे खाने पर बाराती कुर्सियां फेंक फेंककर मार रहे हैं। वो प्लास्टिक की कुर्सियों की तोड़फोड़ करते हुए उत्पात मचा रहे हैं। वीडियो में कई सारे लोग दिख रहे हैं जो कि, तोड़फोड़ करते हुए लोगों को नहीं रोक रहे हैं। बारातियों के द्वारा किया जा रहा ये नुकसान काफी अफसोसनाक है।
Amroha Viral Video देख यूजर्स दे रहे फनी प्रतिक्रियाएं
चिकन लेग पीस के लिए उत्पात मचाते इन लोगों पर क्या कार्रवाई हुई है? इसकी कोई भी आधिकारिक जानकारी नहीं है। अमरोहा में किसकी शादी का ये वीडियो है? इसको लेकर भी अभी तक स्पष्टता नहीं है। लेकिन तोड़फोड़ करते हुए बारातियों को देख इंटरनेट पर यूजर्स की तरफ से काफी सारी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। एक यूजर लिखता है, ‘लेग पीस नहीं मिली तो भूखे नंगों ने कुर्सियों के लेग को पीस पीस कर दिया क्या विवाह शादी को लोगों ने सिर्फ खाने पीने तक ही सीमित कर दिया है?घर में चार लेग पीस खाओ किसने रोका है’? दूसरा लिखता है, ‘एक दो लोग गुस्से में कुर्सियां तोड़ते हैं बाकी मजे में तोड़ते हैं’। इस वीडियो के देख यूजर्स काफी फनी कमेंट कर रहे हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।
