Bengaluru Viral Video: जेल के कैदियों ने ‘गटर’ को बनाया मोबाइल शोरूम, चतुराई के आगे फेल हुए बॉलीवुड के शातिर विलेन, देखें वीडियो

Bengaluru Viral Video:  सोशल मीडिया पर बेंगलुरु के एक जेल का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें कैदी टॉयलेट पाइप के अंदर से स्मार्टफोन निकल रहा है।  कैदी की चतुराई ने लोगों के होश उड़ा दिए हैं। 

Bengaluru Viral Video

Picture Credit: Times of india X

Bengaluru Viral Video:  बॉलीवुड से लेकर साउथ फिल्मों में कैदियों के द्वारा जेल में फोन यूज करने के कई अनोखे तरीके दिखाए जाते हैं। लेकिन यकीम मानिए बेंगलुरु की जेल के अंदर जो जुगाड़ यहां के कैदियों ने लगाया उसे देख शासन से लेकर प्रशासन दंग है। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि, आखिर कड़ी सुरक्षा के बीच कैसे स्मार्टफोन जेल के अंदर पहुंचे और इन्हें चलाने के लिए नेटवर्क कैसे मिला?   सोशल मीडिया पर टॉयलेट के ड्रेन से स्मार्टफोन निकालता  कैदी वायरल हो रहा है। इसे देख हर कोई हैरान है।

जेल के अंदर टॉयलेट के पाइपलाइन में कैदियों ने छिपाए स्मार्टफोन

ये घटना बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल की बताई जा रही है। जब आईपीएल का मैच देखने का कैदियों का मामला सामने आया तो विवाद बढ़ा, इसके बाद प्रशासन के द्वारा जब छापा मारा गया तो टॉयलेट पाइपलाइन के अंदर से मोबाइल पन्नी में लिपटे हुए मिले।  जेल के अंदर स्मार्टफोन निकालते कैदी के वायरल वीडियो को The Times Of India ने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया है। इसके साथ ही कैप्शन में जानकारी देते हुए लिखा है कि, ‘बेंगलुरु ..कैदियों ने कथित तौर पर अधिकारी का मज़ाक उड़ाते हुए उन पर मोबाइल फोन सप्लाई करने का झूठा आरोप लगाया। उन्होंने 28 मार्च को आरसीबी और एसआरएच के बीच होने वाले आईपीएल मैच के बारे में भी बात की और कहा कि आरसीबी जीतेगी और “ईसला नु कप नमदे” (इस साल भी कप हमारा है)। इस घटना के बाद, तीन वार्डरों को कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।’

Bengaluru Viral Video का क्या है पूरा मामला

आरोपी कैदी जेल में मर्डर के आरोप में बंद हैं। इनके नाम अभि, जिप्सिन डेनियल और संजीव हैं। कैदियों ने स्मारटफोन को लेकर कहा है कि, दो साल पहले नाइजीरिया देश के कैदी ने जेल से निकलते हुए उन्हें फोन दिए थे। इस घटना के बाद सभी कैदियों की जगह बदल दी गई है। आपको बता दें, इन कैदियों ने फोन यूज करते हुए खुद ही 28 मार्च 2026 को अपना वीडियो बनाकर वायरल कराया था। वो डीजीपी आलोक कुमार को बदनाम करना चाहते थे। इस वीडियो की भनक जब जेल प्रशासन तक पहुंची तो उन्होंने  जांच के बाद स्मार्टफोन को बरामद कर लिया । इसके साथ ही तीन पुलिसकर्मी भी सस्पेंड हुए हैं।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

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