Viral Video: लोग महंगी सोसाइटी फ्लैटअच्छे माहौल और सुरक्षा के लिए खरीदते हैं। लेकिन क्या हो जब इन्हीं करोड़ों के घरों में रहना मुश्किल हो जाए? सोशल मीडिया पर ग्रेटर नोएडा का एक ऐसा ही वीडियो सामने आया है। यहां पर कुछ दिनों से उल्लुओं ने इतना ज्यादा आतंक मचाया हुआ था कि, लोगों का रात में घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। हालत इतने बिगड़ गए कि, सोसाइटी वालों को उल्लुओं को अरेस्ट करने के लिए वन विभाग को बुलाना पड़ा। ये मामला ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ला रेजिडेंशिया सोसाइटी का है। वन विभाग की टीम ने उल्लुओं को गिरफ्तार कर लिया है। अब इन्ही उल्लुओं का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
अमीरों की सोसाइटी में उल्लुओं का भौकाल
सोसाइटी के अंदर हुई उल्लुओं की गिरफ्तारी के वायरल वीडियो को एक्स पर Siddhant Mohan एक्स हैंडल से पोस्ट किया गया है। इसके साथ ही कैप्शन में जानकारी देते हुए लिखा है कि, ‘ग्रेटर नोएडा में उल्लू अरेस्ट । 7 उल्लू पकड़े गए। इंसानों को निशाना बनाते थे। कुछ इंसानों का खोपड़ा खोल घायल कर चुके थे उल्लू।
देखें वीडियो
ग्रेटर नोएडा में उल्लू 🦉 अरेस्ट 🧐😝
7 उल्लू पकड़े गए
इंसानों को निशाना बनाते थे
कुछ इंसानों का खोपड़ा खोल घायल कर चुके थे उल्लू
आज वन विभाग ने पकड़ लिया https://t.co/MpGFGfZiOZ
— Siddhant Mohan (@Siddhantmt) September 14, 2026
आज वन विभाग ने पकड़न लिया।’ आपको बता दें, ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ला रेजिडेंशिया सोसाइटी में पिछले कई दिनों से उल्लुओं का आंतक बढ़ गया था। इनके द्वारा कई सारे लोगों पर हमला किया किया। जिसके कारण उनके सिर में गहरी चोट तक आ गई। सोसाइटी के लोगों का कहना है कि, उल्लू किसी भी समय सिर पर जनलेवा हमला कर देते थे। जिसके कारण कई सारे लोग घायल हो गए। इस खौफ के चलते सोमवार को वन विभाग की टीम ने सोसाइटी से 8 उल्लुओं को पकड़ा है।
Viral Video में दिख रहे उल्लुओं का क्या होगा?
उल्लुओं के पकड़े जाने पर सोसाइटी के लोगों ने राहत की सांस ली है। टीम ने उल्लुओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया। इसके साथ ही उन्हें सूरजपुर वेटलैंड के सुरक्षित स्थान पर छोड़ गया है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित ला रेसिडेंशिया सोसाइटी में इन उल्लुओं ने आधा दर्जन से ज्यादा लोगों पर हमला करके उन्हें घायल कर दिया है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।







