Viral Video: ट्रेने के अंदर और रेलवे स्टेशन के बाहर मिलने वाले भोजन पर अकसर लोग सवाल उठाते हैं। लेकिन यकीन मानिए इस वीडियो को देख आपका विश्वास पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। क्योंकि इसमें एक वेंडर टॉयलेट के फर्श के नजदीक सब्जी की कटिंग कर रहा है। वो ये काम बिना किसी खौफ के कर रहा है। वीडियो में दिख रहा व्यक्ति झालमुड़ी बेचने वाला लग रहा है। जिस जगह पर लोग पैर रखने से घिन करते हैं वहां पर ये सब्जी काट रहा है। ये घटना मन को खराब करने वाली है। इस घटना को किसी यात्री के द्वारा रिकॉर्ड किया गया है। जिसे देख लोगों ने हेल्थ पर सवाल खड़े करना शुरु कर दिए हैं।
ट्रेन के अंदर का गंदा सच आया सामने
ये वायरल वीडियो सोशल मीडिया प्लटेफॉर्म एक्स पर खुरपेंची स्वास्थ्य नाम के एक्स हैंडल पर पोस्ट किया गया है। इसके साथ ही कैप्शन में लिखा है, ‘ट्रेनों में अक्सर अनाधिकृत वेंडर चटपटा स्वाद लिए फिरते है ,और लोग बड़े चाव से खाते है , कभी खीरा नमक तो कभी समोसा प्याज तो कभी चना मटर प्याज मिक्स।एक बार ध्यान से देख लो आपका जायका कहां तैयार हो रहा है।’
देखें वीडियो
ट्रेनों में अक्सर अनाधिकृत वेंडर चटपटा स्वाद लिए फिरते है ,
और लोग बड़े चाव से खाते है , कभी खीरा नमक तो कभी समोसा प्याज तो कभी चना मटर प्याज मिक्स।
एक बार ध्यान से देख लो आपका जायका कहां तैयार हो रहा है। pic.twitter.com/GVVCHSdac3
— खुरपेंची स्वास्थ्य (@Khurpenchhealth) April 14, 2026
वीडियो में देखा जा सकता है कि, वेंडर टॉयलेट के गंदे फर्श पर सब्जी काट रहा है। उसी के पास एक खाने का बड़ा पतीला भी रखा हुआ है। जिसे देखकर लग रहा है कि, वो इसी में गंदी सब्जी को मिलाएगा। ये वीडियो लोगों की हेल्थ के खिलवाड़ जैसे कई सवाल खड़े कर रहा है।
Viral Video देख क्या बोल रहे लोग?
ये घटना कब और कहां का है? इसकी कोई भी आधिकारिक जानकारी तो मौजूद नहीं है। लेकिन इसे एक्स पर 14 अप्रैल को ही अपलोड किया गया है। इस पर 39000 हजार के आस-पास व्यूज आ चुके हैं। वहीं, तमाम सारे लोगों के कमेंट भी आ रहे हैं। एक यूजर लिखता है, ‘ट्रेन में बिना परमिशन ये लोग घूमते हैं इन्हें रोकने वाला कोई नहीं है’। तीसरा लिखता है, ‘इनसे बचने का एक ही तरीका है कि, ट्रेन में कभी नहीं खाना चाहिए’। तीसरा लिखता है, ऐसे लोगों को रोका जाना चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।






