कल का मौसम 6 September 2026: देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल चुकी है। दिल्ली में तो आईएमडी ने रेड अलर्ट जारी कर दिया है। जिसका असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। आईएमडी ने 6 सितंबर को दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। बता दें कि पहाड़ों पर स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों की भी चिंता बढ़ गई है। चलिए आपको बताते है कल का मौसम 6 September 2026 कैसा रहेगा?
पहाड़ों पर बारिश और बिजली का खतरा
उत्तराखंड में 6 से 7 सितंबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। 6 सितंबर को उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। वहीं हिमाचल प्रदेश में भी 6 सितंबर के आसपास बारिश का दौर जारी रह सकता है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र में 6 सितंबर को गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है।
ऐसे में पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वालों को मौसम और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी पर नजर रखनी चाहिए। भारी बारिश के दौरान भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़क बाधित होने का जोखिम स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बढ़ सकता है। विभाग के मुताबिक यमुनोत्री, गंगोत्री, रूद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, बद्रीनाथ, केदारनाथ समेत कई जगहों पर अलर्ट जारी कर दिया है।
यूपी और बिहार में भी बारिश
आईएमडी ने 6 सितंबर के पूर्वानुमान में उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट भी दर्ज किया गया है।
इससे खासकर निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है। किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों को भी स्थानीय मौसम अपडेट देखते रहने की सलाह दी जाती है। बता दें कि यूपी के कई जिले बाढ़ की चपेट में आ गए है। इसकी बीच विभाग ने बनारस, बलिया, गोरखपुर, प्रयागराज समेत कई जगहों पर अलर्ट जारी कर दिया है।
बिहार में बाढ़ से मंडराया खतरा
भारत मौसम विज्ञान विभाग के पटना केंद्र ने बिहार के लिए लगातार बारिश और गरज-चमक की चेतावनी जारी की है। आधिकारिक पूर्वानुमान में 6, 7 और 8 सितंबर को भारी बारिश की संभावना दर्ज की गई है।
इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में नदियों के जलस्तर पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा। अगर ऊपरी इलाकों में बारिश जारी रहती है तो बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मुश्किलें बढ़ सकती हैं। नदी दी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों का पालन करना चाहिए और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने में देरी नहीं करनी चाहिए।







