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GLA University में नामी उद्यमियों ने विद्यार्थियों को बताए उद्यमिता के गुर

शाम के शुरूआती सत्र में प्रथम वक्ता मनी माॅनिटर्स के संस्थापक सुशांत बिंदल ने बताया कि आईडिया के लिए फण्ड जरुरी नहीं है। इसके लिए लोगों को अपने कम्फर्ट जोन से बहार निकल कर अपने डर को हराना चाहिए तभी व्यक्ति सफल हो सकता है।

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By: Aarohi

Published: अप्रैल 25, 2023 7:17 अपराह्न

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GLA University: जीएलए विश्वविद्यालय मथुरा में एंटरप्रेन्याॅर सेल विभाग द्वारा तीन दिवसीय उद्यमिता ई-काॅन्क्लेव का आयोजन हुआ। काॅन्क्लेव में पहुंचे कई उद्यमियों ने अपनी जीवन शैली के बारे में जानकारी देते हुए उद्यमिता की ओर अग्रसर किया। सभी उद्यमियों ने विद्यार्थियों द्वारा नए स्टार्टअप शुरू करने के लिए सहयोग देने की बात कही। इस तीन दिवसीय ई-काॅन्क्लेव कार्यक्रम में आए हुए उद्यमियों को सुनने और उनसे कुछ हासिल करने के लिए विद्यार्थियों में काफी उत्सुकता दिखाई दे रही थी। उद्यमियों द्वारा दी जाने वाली कोई महत्वपूर्ण जानकारी हाथ से न निकल जाये इसके लिए सभी विद्यार्थियों के हाथ में नोटबुक देखे गए। सभी विद्यार्थियों ने प्रत्येक जानकारी अपनी नोटबुक में दर्ज कर आगे उस पर कार्य करने का विचार विमर्श किया>

जीएलए विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय ई-काॅन्क्लेव कार्यक्रम का आयोजन

शाम के शुरूआती सत्र में प्रथम वक्ता मनी माॅनिटर्स के संस्थापक सुशांत बिंदल ने बताया कि आईडिया के लिए फण्ड जरुरी नहीं है। इसके लिए लोगों को अपने कम्फर्ट जोन से बहार निकल कर अपने डर को हराना चाहिए तभी व्यक्ति सफल हो सकता है। दूसरे वक्ता अनुभवी उद्यमी पर्सनल फाइनेंस और कंटेंट क्रिएशन के विशेषज्ञ उज्ज्वल पाहवा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वह बार-बार फेल हुए, किन्तु नए उत्साह और उमंग से फिर नए विचारों को लेकर आया। अपनी गलतियों से सीखा और सफल हुआ। तीसरे वक्ता स्किल डीफाई की सीईओ और निदेशक साॅफ्ट स्किल्स शिवांगी नरूला ने कहा कि उन्हें कुछ नहीं मालूम था कि भविष्य में क्या करना है। मेरा कोई विचार नहीं रहा, लेकिन मैं स्वयं की आइडियल थी।

इसलिए हूँ, आज के समय शार्टटर्न गोल चल रहा है। सीईओ नरूला ने कहा कि इंटरनेट यूट्यूब के जमाने में लोग जितनी जल्दी फेमस होते हैं, उतनी जल्दी लोग गुमनामी में भी खो जाते हैं। इसका ताजा उदाहरण रानू मंडल है। इसलिए हमें लगातार सफलता पाने के लिए खूब परिश्रम करते रहना चाहिए। बारोसी के फाउंडर दुर्लभ रावत ने बताया कि कैसे एक छोटे गांव से निकल कर उन्होंने 12 सौ करोड़ की कंपनी बनाई और अब उनकी अगली मंजिल कंपनी को 12 सौ करोड़ तक पहुंचाना है। इसके लिए वह स्वयं एवं उनकी टीम लगातार प्रयास कर रही है। रावत के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति में एक आह और वाह की आवाज निकलती है, जो इसको पहचान लेता है वह आगे निकल जाता है।

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प्रमुख लोगों ने की शिरकत

मार्किटअप के को फाउंडर अंतिम वक्ता ईशान शर्मा ने कहा की मेरे आस-पास के कंटेंट क्रियेटर थे, जो मुझे भी इस क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रेरित करते थे। ईशान शर्मा ने हमेशा अपने विजन पर फोकस करने की बात कही। ई-कॉन्क्लेव में विभिन्न कार्यक्रम जैसे फन रोड, आईपीएल मॉक ऑक्सन हुए। समापन कार्यक्रम में जज्जलीन रैपर- सिंगर की शानदार प्रस्तुति पर जमकर थिरकने के साथ झूमने पर मजबूर हो गए।“निदेशक इन्क्यूबेशन प्रोफेसर मनोज कुमार एवं वरिष्ठ प्रबंधक रवि तिवारी द्वारा बताया गया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र एवं छात्राओं को मशहूर लोगों से रुबरु करते हुए उन्हें स्वरोजगार के प्रति प्रेरित करना एवं छात्र एवं छात्राओं में स्टार्टअप के प्रति रुझान पैदा करना था। ई-सेल ने ई-कॉन्क्लेव के सफल आयोजन में उपकुलपति प्रो. अनूप गुप्ता द्वारा दिए गए मार्गदर्शन एवं सुझावों के प्रति आभार व्यक्त किया। ई-कॉन्क्लेव में अजितेश कुमार, अंकुश अग्रवाल न्यूजेन आइईडी.सी कोऑर्डिनेटर जितेन्द्र कुमार एवं स्टार्टअप लांचपैड सहायक प्रबंधक अभिषेक गौतम, स्टूडेंट कोर्डिनेटर अखिल दुबे एवं ईशान जोशी सहित ई-सेल की पूरी टीम का विषेश सहयोग प्रषंसनीय रहा।

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आरोही डीएनपी इंडिया हिन्दी में देश, राजनीति , सहित कई कैटेगिरी पर लिखती हैं। लेकिन कुछ समय से आरोही अपनी विशेष रूचि के चलते ओटो और टेक जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी लोगों तक पहुंचा रही हैं, इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई निफ्टू यूनिवर्सिटी से पूर्ण की है और लंबे समय से अलग-अलग विषयों की महत्वपूर्ण खबरें लोगों तक पहुंचा रही हैं।
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