CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में योगी आदित्यनाथ सरकार की नीतियों का असर अब राज्य के राजस्व संग्रह में भी दिखाई देने लगा है। सरकार की ओर से राजस्व बढ़ाने, टैक्स चोरी पर अंकुश लगाने और डिजिटल माध्यमों को बढ़ावा देने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
इसका परिणाम टैक्स के साथ-साथ नॉन-टैक्स रेवेन्यू में भी देखने को मिल रहा है। इसकी जानकारी खुद CM Yogi Adityanath के मुख्य सलाहाकार अवनीश के अवस्थी ने अपने एक्स हैंडल के माध्यम से दी है। गौरतलब है उत्तर प्रदेश विकास के मामले में लगातार नए कीर्तमान रच रहा है।
अर्थव्यवस्था के लिहाज से यूपी ने हासिल किया नया कीर्तिमान
बता दें कि CM Yogi Adityanath के मुख्य सलाहकार अवनीश के अवस्थी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था लगातार तेज़ी पकड़ रही है। जुलाई 2026 में, राज्य ने टैक्स और नॉन-टैक्स रेवेन्यू के तौर पर ₹21,754 करोड़ की कमाई दर्ज की, जो पिछले साल के मुकाबले ₹3,360 करोड़ की शानदार बढ़ोतरी है।
Uttar Pradesh’s economy continues to gain momentum!
In July 2026, the state recorded ₹21,754 crore in tax and non-tax revenue, an impressive ₹3,360 crore increase over last year. Strong growth in GST, Excise, Stamp & Registration, and Transport collections reflects rising… pic.twitter.com/d1EQXzvK6L
— Awanish K Awasthi (@AwasthiAwanishK) August 7, 2026
GST, एक्साइज़, स्टाम्प और रजिस्ट्रेशन, और ट्रांसपोर्ट कलेक्शन में मज़बूत बढ़ोतरी बढ़ती आर्थिक गतिविधियों, बेहतर गवर्नेंस और लगातार बनी हुई वित्तीय अनुशासन को दिखाती है। एक मज़बूत अर्थव्यवस्था तेज़ी से विकास को बढ़ावा दे रही है और उत्तर प्रदेश के $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनने के सफ़र को तेज़ कर रही है”।
डिजिटल व्यवस्था से राजस्व संग्रह को मिली रफ्तार
योगी सरकार के कार्यकाल में राजस्व से जुड़ी कई प्रक्रियाओं को ऑनलाइन किया गया है। ई-गवर्नेंस और डेटा आधारित निगरानी से लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ राजस्व चोरी को रोकने में भी मदद मिल रही है।
जीएसटी व्यवस्था में ई-वे बिल, ई-इनवॉइस और डिजिटल ट्रैकिंग जैसे माध्यमों ने कर प्रशासन को पहले की तुलना में अधिक प्रभावी बनाया है। उत्तर प्रदेश में निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक कॉरिडोर और नए निवेश प्रोजेक्ट्स जैसी गतिविधियों से राज्य की आर्थिक गतिविधियों में विस्तार हुआ है। जिसका असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है।







