DA Hike: सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले ने पेंशनभोगियों के चेहर पर खुशी ला दी है। बता दें कि बीते दिन सर्वौतम न्यायालय की तरफ से आदेश जारी किया था। जिसमे कहा गया था कि DA Hike को लेकर किसी तरह के भेदभाव नहीं होगा चाहे वह पेंशनभोगी हो या फिर मौजूदा कर्मचारी हो। दरअसल यह मामला 2021 का है, जहां केरल सरकार की तरफ से वित्तीय संकट की बात कही गई थी। जिसके बाद सेवारत कर्मचारियों के मुकाबले पेंशभोगियों के लिए कम महंगाई भत्ते सही ठहराने की कोशिश की थी।
उन्होंने पेंशनर्स और वर्कर्स को अलग-अलग कैटेगरी का मानते हुए इसे एक नीतिगत मामला बताया था। जानकारी के मुताबिक सरकार की तरफ से कर्मचारियों के 14 परसेंट डीए और पेंशनभोगियों को 11 प्रतिशत डीए रखा गया था। हालांकि अब सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला सुनाता हुए कहा कि पेंशनर्स और मौजूदा कर्मचारियों के बीच किसी प्रकार की भेदभाव नहीं होगा।
DA Hike के फैसले पर पेंशनभोगियों की होगी बल्ले बल्ले
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद लाखों कर्मचारियों को जबरदस्त फायदा मिलने की उम्मीद है। सबसे खास बात है कि डीए में किसी प्रकार की बढ़ोतरी होती है तो कर्मचारियों और पेंशनर्स को बराबर लाभ मिलेगा। मान लीजिए की डीए में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है तो यह बढ़ोतरी दोनों पर लागू होगी और दोनों को बराबर बढ़ा हुआ पैसा मिलेगा।
सुप्रीम कोर्ट की तरफ से केरल सरकार की सारी दलीलों को खारिज कर दिया और कहा कि वित्तीय बाधांए संवैधानिक अधिकारियों के उल्लंघन का आधार नहीं हो सकता है। उनके बीच भेदभाव करना संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता के अधिकार) का सीधा उल्लंघन है।
डीए बढ़ोतरी को लेकर कर्मचारियों का इंतजार हुआ लंबा
बता दें कि साल में दो बार जनवरी और जुलाई में केंद्र सरकार की तरफ से डीए में बढ़ोतरी की जाती है। अप्रैल का महीना शुरू हो चुका है, लेकिन अभी भी डीए को लेकर किसी प्रकार की जानकारी सामने नहीं आ रही है। 1 करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी इसका इतंजार कर रहे है।
बता दें कि अभी कर्मचारियों को 58 प्रतिशत का ही डीए मिल रहा है। DA Hike CPI (Consumer Price Index) यानी महंगाई दर के आधार पर तय की जाती है, ताकि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की आय पर महंगाई का असर कम हो। यह आमतौर पर केंद्र सरकार और कर्मचारियों के बीच होता है। हालांकि कई राज्य सरकार भी यह पैटर्न को फॉलो करती है।






