Income Tax News: टैक्स नियमों में जल्द ही बड़ा बदलाव होने जा रहा है। दरअसल 1 अप्रैल 2026 में इनकम टैक्स का नियम लागू हो जाएगा। जिसके बाद अब करदाताओं के मन में कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के चेयरमैन रवि अग्रवाल ने अपने एक बयान में कहा कि 1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स स्ट्रक्चर लागू होने जा रहा है। इससे सैलरीड टैक्सपेयर्स को बेहद मदद मिलेगी। अब ये टैक्सपेयर्स अपने प्री-फिल्ड रिटर्न को सीधे फाइल कर पाएंगे। मालूम हो कि अभी आईटीआर दाखिल करने में कई प्रकार के फॉर्म जमा करने होते है, जिसकी वजह से करदाताओं का आईटीआर कभी कभार रिजेक्ट हो जाता है। कई बार तो उनका रिफंड उनके अकाउंट में क्रेडिट नहीं होता है। चलिए आपको बताते है नए नियम से जुड़ी सभी अहम जानकारी।
1 अप्रैल 2026 से लागू हो जाएगा इनकम टैक्स का नया नियम
पुराने आयकर अधिनियम (1961) के स्थान पर नया आयकर अधिनियम, 2025 लागू किया जा रहा है और इसके अनुरूप आयकर नियम, 2026 भी लागू किए जा रहे हैं। भारत के कर कानून में दशकों में यह सबसे बड़ा बदलाव है। नए नियम और कर प्रपत्र मार्च/अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगे। इसका उद्देश्य करदाताओं के लिए कर दाखिल करना आसान बनाना और कर अनुपालन को सरल बनाना है। जानकारी के मुताबिक नए इनकम टैक्स नियम से करदाताओं को जबरदस्त फायदा मिलने की उम्मीद है। दरअसल अब सैलरीड क्लास को मिलने वाले फॉर्म्स में उनकी इनकम, इन्वेस्टमेंट और टैक्स डिडक्शन की डिटेल्स पहले से ही सटीक रूप से दर्ज होगी।
करदाता इन बातों का रखें विशेष ध्यान – Income Tax News
1 अप्रैल से ITR‑1 से लेकर ITR‑7 तक सभी फॉर्म में पात्रता नियम और प्रकटीकरण आवश्यकताएँ बदल सकते हैं — गलत फॉर्म चुनने पर रिटर्न स्वीकार नहीं होगा। आपकी आमदनी और स्रोत के अनुसार सही फॉर्म ही चुनें। नए नियमों में डिजिटल फाइलिंग, सख्त एलिजिबिलिटी और विस्तृत डिस्क्लोज़र की मांग होगी। गलत जानकारी देने से आपका रिटर्न रद्द हो सकता है या नोटिस मिल सकता है।
सभी आय, लाभ, निवेश, और छूट/डिडक्शंस सही तरीके से भरें। दस्तावेज़ तैयार रखें। अगर आप ITR एक्सटेंशन या नयी तारीख के बारे में नहीं जानते, तो डेडलाइन मिस होने पर ब्याज और पेनल्टी लग सकती है। देय तारीख से पहले ITR फ़ाइल करें। अगर देरी होती है तो बेलेटेड रिटर्न समय पर भरें।






