Abhijeet Dipke: जंतर मंतर पर नीट और बाकी प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर प्रोटेस्ट किया गया और इसमें समर्थन में खड़े थे कॉकरोच जनता पार्टी लेकिन इस सब के बीच अब सीजेपी के ऑनलाइन फाउंडर अभिजीत दिपके मुसीबत के घिर गए हैं। दरअसल आरटीआई कार्यकर्ता की तरफ से 3 शिकायत दर्ज की गई है। उनकी तरफ से यह सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर उन्होंने कैसे अमेरिका में पढ़ाई की जबकि उनके पिता सिर्फ 60000 कमाते थे। आइए जानते हैं शिकायत के बाद सीजेपी नेता वैष्णवी गौर ने क्यों पीएम केयर फंड्स पर ताना मारती नजर आई।
क्यों आरटीआई कार्यकर्ता ने की अभिजीत दिपके की शिकायत
दरअसल आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने कहा कि “मैंने तीन अलग-अलग जगहों पर शिकायत दर्ज कराई है। मैंने चुनाव आयोग में मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। कपिल सिबल द्वारा दिए गए 1 करोड़ रुपये के फंड के संबंध में, मैंने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) से शिकायत की है कि 18% जीएसटी का उल्लंघन हुआ है।”
सीजेपी नेता ने आरटीआई विवाद पर किया कटाक्ष
Ek private individual ke education expenses pe RTI lagane wale kabhi PM cares fund ki taraf bhi dekhe. Modi ji aapko maaf kar denge, don’t worry. https://t.co/mDtVhBpZfg
— Vaishnavi Gaur (@Vaishnavii_gaur) August 2, 2026
इसका जवाब देते हुए नेता वैष्णवी गौर ने इसका जवाब देते हुए कहा किएक निजी व्यक्ति के एजुकेशन खर्च पर आरटीआई लगाने वाले कभी पीएम केयर्स फंड की तरफ भी देखे। मोदी जी आपको माफ़ कर देंगे, परेशान मत हो। वहीं अमेरिका में पढ़ाई को लेकर उठ रहे सवालों के बीच पहले अभिजीत दिपके ने कहा था कि मेरी बोस्टन की ओर से पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप मिली थी। इतना ही नहीं मैंने कुछ एजुकेशन लोन भी लिया था जिसे अब वापस करना है।” वहीं
क्या उठा है अभिजीत दिपके पर सवाल
आरटीआई एक्टिविस्ट अमित तिवारी ने चुनाव आयोग में कॉकरोच जनता पार्टी के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई है। इतना ही नहीं उन्होंने सेंट्रल बोर्ड ऑफ इंडायरेक्ट टैक्सैज एंड कस्टम (CBIC) में शिकायत करते हुए कहा कि सीजेपी को कपिल सिब्बल की ओर से एक करोड़ रुपये का फंड दिया गया है। ऐसे में जीएसटी वसूलने की मांग की गई है। इतना ही नहीं महाराष्ट्र सरकार को शिकायत दर्ज करते हुए कहा गया कि अभिजीत दिपके के पिता भगवान राव दिपके एमआईडीसी में जूनियर पोस्ट पर थे। ऐसे में अमेरिका में एक साल पढ़ाई का खर्च कम से कम 30 लाख से लेकर एक करोड़ तक आता है, तो इतनी रकम कहां से आई है इसकी जांच होनी चाहिए।







