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भारत के सूर्य मिशन का हर दिन नया कीर्तिमान! Aditya L1 ने तय कर ली इतने लाख KM की दूरी; अब जल्‍द ही इस जगह पहुंचेगा यान

Aditya L1 Mission: भारत के सौर्य मिशन आदित्य एल1 को लेकर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बड़ा अपडेट दिया है। इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने इस संबंध में कहा है कि यान तेजी से अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है।

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By: Sumit Kumar Jha

Published: अक्टूबर 15, 2023 5:53 पूर्वाह्न

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Aditya L1 Mission: भारत के सौर्य मिशन आदित्य एल1 को लेकर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बड़ा अपडेट दिया है। इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने इस संबंध में कहा है कि यान तेजी से अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है। इसरो प्रमुख का कहना है कि सब कुछ ठीक रहा तो यह जनवरी 2024 के मध्य तक यह लैग्रेंज प्वाइंट 1 तक पहुंच जाएगा। वहीं इसके अलावा उन्होंने ये भी जानकारी दी है कि यान अपने पथ पर लगातार अग्रसर है और लाखों किलोमीटर की दूरी तय कर धरती से 15 लाख किलोमीटर दूर एल-1 प्वाइंट की ओर तेजी से बढ़ रहा है। खबर है कि इसरो अपने एक और अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ को भी इसी महीने लॉन्च कर सकता है। ऐसे में इसरो अपने इस कदम से चन्द्रयान और सौर्य मिशन के बाद गगनयान मिशन को भी सही सलामत लॉन्च कर अंतरिक्ष में भारत का परचम फहरा सकेगा।

इसरो प्रमुख ने कही अहम बात

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख एस सोमनाथ ने अपने तमिलनाडु के मदुरै दौरे पर मीडिया से ये अहम जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया है कि जनवरी 2024 के मध्य तक यह एल-1 प्वाइंट तक पहुंच जाएगा। वहीं उन्होंने ये भी कहा कि यान तेजी से अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है।

आदित्य एल-1 को लेकर ये जानकारी भी सामने आई कि यान को पृथ्वी से लैग्रेंज प्वाइंट 1 तक पहुंचने में 110 दिन का समय लगता है। ऐसे में पूरी उम्मीद है कि 2024 जनवरी के मध्य तक यान इस प्वाइंट तक पहुंच जाएगा। इसके बाद से इसे पृथ्वी से 15 लाख किलोमीटर दूर लैग्रेंजियन पॉइंट के हेलो ऑर्बिट में स्थापित किया जाएगा।

आदित्य एल-1 मिशन का उद्देश्य

भारत के सौर्य मिशन आदित्य एल-1 को लेकर ढ़ेर सारी बाते कही जा रही हैं। इस मिशन के तहत इसरो का उद्देश्य है कि अंतरिक्ष में सूरज की रोशनी, प्लाज्मा और चुंबकीय क्षेत्र के विषय में जानकारी अर्जित कर संभावनाओं की तलाश की जाए। वहीं इसके अलावा सूर्य के बाहरी हिस्से व इसके तपने की प्रक्रिया, तापमान, सौर विस्फोट और सौर तूफान के कारण और उत्पत्ति से संबंधित अध्ययन किया जा सके। वहीं अंतरिक्ष के मौसम को प्रभावित करने वाले कारक, सौर हवाएं व अन्य खगोलीय वस्तुओं का अध्ययन करना भी इस मिशन का अहम हिस्सा है।

चंद्रयान-3 की सफलता से हौसले बुलंद

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अगस्त के आखिरी सप्ताह में नया कीर्तिमान रचते हुए चन्द्रमा के दक्षिणी सतह पर चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग कराई थी। अब इसको लेकर इसरो के हौसले लगातार बुलंद हैं। इसके बाद से इसरो द्वारा सितंबर के शुरुआत में आदित्य एल1 मिशन को लॉन्च किया गया जो कि सफलता के क्षेत्र में हर दिन नए कीर्तिमान बना रहा है। वहीं अब गगनयान मिशन को लॉन्च करने की तैयारी भी जोरों पर है।

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